पहलगाम हमले के बाद अमेरिका का रिएक्शन, ट्रैवल वॉर्निंग हुई अपडेट
वाशिंगटन। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा न करने की सलाह दी है। एडवाइजरी में कहा गया है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत के कई शहर हाई अलर्ट पर हैं।
अमेरिका ने दी चेतावनी
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपनी सलाह में कहा है कि अमेरिकी नागरिकों को ये याद दिलाया जाता है कि विदेश विभाग ने जम्मू-कश्मीर के लिए यात्रा न करने की सलाह जारी की है। इसमें कहा गया है कि जम्मू और कश्मीर में आतंकी हमले और हिंसक नागरिक अशांति संभव है।
बता दें, भारत ने बुधवार को पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद सीमापार संबंधों के मद्देनजर 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया तथा पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने की घोषणा की, जिसमें उसके सैन्य राजनयिकों को भारत से बाहर करना भी शामिल है।
भारत ने क्या-क्या एक्शन लिया
भारत ने अटारी चेक पोस्ट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का भी फैसला किया है। इसके अलावा, देश ने सार्क वीजा छूट योजना (SVES) के तहत जारी किए गए सभी वीजा को रद करने का फैसला किया है और पाकिस्तान के नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।
भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा/सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित घोषित कर दिया है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर भारत छोड़ने का आदेश दिया है। सुरक्षा उपाय के रूप में, भारत ने इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा, नौसेना और वायु सलाहकारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
गुणवत्ता, समयबद्धता और जवाबदेही से पूर्ण हों सभी सेतु निर्माण परियोजनाएं : लोक निर्माण मंत्री सिंह
संतों की वाणी से बेहतर जीवन का मार्ग प्रशस्त होता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बुलडोजर कार्रवाई पर बयान पड़ा भारी, अभिषेक बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज
असम में बाढ़ का कहर, 50 लोगों की मौत; 40 अब भी लापता, हालात बेहद गंभीर
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव, इराक में धमाके और वेस्ट बैंक में खूनी संघर्ष
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, सरकार से बातचीत कल फिर होगी
जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी
विवाहित बेटियों के हक में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अनुकंपा नियुक्ति से नहीं किया जा सकता वंचित
चीन-फिलीपींस समुद्री विवाद फिर सुर्खियों में, वॉटर कैनन घटना पर दुनिया की नजर