शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, राहुल गांधी का हमला – सरकार बना रही सिर्फ अमीरों को और अमीर
दिल्ली। शेयर सूचकांकों में कथित रूप से हेराफेरी करने के मामले में सेबी की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा है। राहुल गांधी ने का कि शेयर बाजार में बड़े खिलाड़ी हेरफेर कर रहे हैं और सरकार चुप्पी साधे है। इससे साफ है कि सरकार अमीरों को और अमीर बना रही है। जबकि आम निवेशकों को बर्बादी के कगार पर धकेल रही है। बता दें कि सेबी ने हाल ही में अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट समूह पर हेराफेरी मामले में प्रतिबंध लगाया है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा कि मैंने पहले ही वायदा एवं विकल्प (एफएंडओ) बाजार में खामियों की भविष्यवाणी की थी। मैंने 2024 में स्पष्ट रूप से कहा था कि एफएंडओ बाजार बड़े खिलाडिय़ों के लिए खेल का मैदान बन गया है और छोटे निवेशकों की जेबें लगातार खाली हो रही हैं। अब सेबी खुद मान रही है कि जेन स्ट्रीट ने हजारों करोड़ रुपये की हेराफेरी की। सेबी इतने समय तक चुप क्यों रही? उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर सवाल दागा कि क्या बाजार में हेराफेरी करने वाले और भी खिलाड़ी हैं? किसके इशारे पर मोदी सरकार आंखें मूंदकर बैठी थी? कितने बड़े शार्क अभी भी खुदरा निवेशकों को धोखा दे रहे हैं? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हर मामले में यह स्पष्ट है कि मोदी सरकार अमीरों को और अमीर बना रही है तथा आम निवेशकों को बर्बादी के कगार पर धकेल रही है। राहुल गांधी ने 2024 की एक पोस्ट को भी साझा किया। इसमें उन्होंने लिखा था कि अनियंत्रित एफएंडओ ट्रेडिंग पांच साल में 45 गुना बढ़ गई है। 90 प्रतिशत छोटे निवेशकों ने 3 वर्षों में 1.8 लाख करोड़ रुपये खो दिए हैं। सेबी को उन तथाकथित बड़े खिलाडिय़ों के नाम उजागर करने चाहिए जो उनके खर्च पर मुनाफा कमा रहे हैं।
सेबी ने लगाया था प्रतिबंध
डेरिवेटिव सेगमेंट में पोजिशन लेकर शेयर सूचकांकों में कथित रूप से हेरफेरी करने के मामले में बाजार नियामक सेबी ने अमेरिकी ट्रेडिंग कंपनी जेन स्ट्रीट समूह को प्रतिभूति बाजारों से प्रतिबंधित कर दिया था। जेन स्ट्रीट समूह ने जनवरी, 2023 से मई, 2025 के बीच 21 से अधिक एक्सपायरी डे में नकदी में कई बड़े ट्रेड किए थे। इंडेक्स को प्रभावित कर मुनाफा कमाने के लिए बाजार में अपने भारी पोजिशन का इस्तेमाल किया था।
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