लोकतंत्र सेनानी नेमीचंद जैन के नेत्रों का हुआ दान, राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार
विदिशा। गांधी चौक गंजबासौदा निवासी लोकतंत्र सेनानी मीसाबंदी, पूर्व आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर गांधी चौक के अध्यक्ष 84 वर्षीय एडवोकेट नेमीचंद जैन का 7 जुलाई को सुबह निधन हो गया। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए परिवारजनों ने विकास पचौरी फाउंडेशन का सहयोग लेकर नेमीचंद जी का नेत्रदान कराया। वहीं राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
विकास पचौरी फाउंडेशन द्वारा पूर्व में गंजबासौदा में नेत्रदान, देहदान एवं अंगदान की जागृति हेतु एक शिविर लगाया गया था। जहां नेमीचंद जी ने 12 फरवरी 2021 को नेत्रदान का संकल्प पत्र भरा था। 7 जुलाई को सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए परिवारजनों ने विकास पचौरी फाउंडेशन से संपर्क किया और विकास पचौरी फाउंडेशन द्वारा विदिशा के अटल बिहारी मेडिकल कॉलेज के आई बैंक में संपर्क किया। जहां से डॉक्टरों की टीम ने तत्परता दिखाते हुए विदिशा से बासौदा जाकर नेत्रदान संपन्न कराया। मेडिकल कालेज के डीन डॉ. मनीष निगम के नेतृत्व में प्राध्यापक डॉ. एससीएल चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में डॉ. निखिला यादव सहायक प्राध्यापक, डॉ. प्रहर श्रीवास्तव सीनियर रेजिडेंट, डॉ. निकिता श्रीवास्तव सीनियर रेजिडेंट, डॉ. शेरन आहुजा पीजी रेजिडेंट, पुष्पलता मरावी नर्सिंग ऑफिसर, रेणुका लेवी नर्सिंग ऑफिसर, डॉ. प्रहर श्रीवास्तव (एसआर), डॉ. एन श्रीवास्तव (एसआर), डॉ. शरन (पीजी 1), पुष्पा मरावी ( एनओ), रेणुका लेवी (एनओ) द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया पूर्ण की गई। अब नेमीचंद जी के दोनों नेत्रों का प्रत्यारोपण किन्हीं दो अलग-अलग नेत्रहीनों को हो सकेगा और वह इस दुनिया को देख सकेंगे। वह अपने पीछे पुत्र एडवोकेट संजय कुमार जैन, एडवोकेट सिद्धार्थ कुमार जैन सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
राजकीय सम्मान से हुआ अंतिम संस्कार
मीसाबंदी एडवोकेट नेमीचंद जैन का अंतिम संस्कार पाराशरी विश्राम घाट गंजबासौदा पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। पुलिस के सशस्त्र बल द्वारा सलामी दी गई। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। वे 1951 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और 84 वर्ष की उम्र में भी पार्टी के कार्यों में सक्रिय रहे। वे एक अच्छे वक्ता माने जाते थे।
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