छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की एनटीपीसी और एसईसीएल को फटकार, कहा- सड़क और दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी से नहीं बच सकते
CG High Court: हाईकोर्ट ने कोयला और राखड़ ओवरलोड वाहनों के मामले में पलड़ा झाड़ने पर एनटीपीसी और एसईसीएल को जमकर फटकार लगाई। नाराज चीफ जस्टिस ने कहा कि आप यह कहकर जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकते कि हम कोयला बेचते हैं, बाकी परिवहन करने वाला जाने। यह तो वही बात हो गई कि शराब बेचने वाला कहे हम शराब बेचते हैं बाकी पीने वाला जाने। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने इन कंपनियों की कार्य प्रणाली पर सख्त टिप्पणियां की।
कोर्ट ने कोयला और राखड़ भरे ओवरलोड वाहनों के कारण सड़कें खराब होने और इस कारण हो रहे हादसों पर सवाल उठाए। राज्य शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से कोर्ट ने कहा कि जहां भी ऐसे ओवरलोड वाहन दिखें, उनको जब्त किया जाए। कंपनियों को ओवरलोड वाहनों की समस्या दूर करने और मापदंडों के अनुसार परिवहन करने के निर्देश देते हुए कोर्ट ने एसईसीएल और एनटीपीसी को नया शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विस्तृत दिशा- निर्देश दिए कोर्ट ने
कोर्ट ने दिशा- निर्देश जारी किए कि जितनी गाड़ियां आपके यहां से निकलेंगी उन्हें बिना कोल कवर के परमिट नहीं करेंगे। उसकी फोटो के साथ हाईवे पेट्रोलिंग टीम चेक करेगी। यदि खुले में कोयला परिवहन करते मिला तो उस ट्रांसपोर्टर का एग्रीमेंट, रजिस्ट्रेशन रद्द कर दीजिए। चीफ जस्टिस ने आगे कहा कि हम पूरी फोर्स लगवा कर चेक करवाएंगे।
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