नागपंचमी पर रात में खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट, जानें पूजा का समय और रूट
उज्जैन: 28 जुलाई को श्रावण मास का तीसरा सोमवार है. जहां सावन के तीसरे सोमवार को महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने निकलेंगे. वहीं उसके अगले दिन यानि 29 जुलाई मंगलवार को नागपंचमी है. इस दिन साल में एक बार महाकाल मंदिर के शिखर पर विराजमान सिद्धेश्वर महादेव व नागचंद्रेश्वर भक्तों को 24 घंटे के लिए दर्शन देते है. 28 जुलाई की ही रात 12 बजे नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए पट खुल जाएंगे. इस बार मंदिर समिति ने 10 लाख श्रद्धालुओं के दो दिन में आने का अनुमान लगाया है.
भगवान महाकाल और नागचंद्रेश्वर दर्शन के लिए अलग द्वार
भगवान महाकाल के दर्शन करना हो तो आपको श्री महाकाल लोक के नंदी द्वार से होते हुए मानसरोवर द्वार आना होगा. जहां टनल मार्ग से होते हुए कार्तिक मण्डपं, गणेश मण्डपं से भगवान के दर्शन लाभ और आपातकालीन मार्ग से मंदिर के बाहर की और का रास्ता रहेगा. इस बीच लड्डू प्रसादी, जुता स्टैंड, पीने का पानी, बारिश में शेड व मेडिकल और अन्य सभी इमरजेंसी के लिए तमाम व्यवस्था रहेगी.
प्रोटोकॉल कार्यालय एवं गेट नंबर 4 से 250 रु शीघ्र दर्शन टिकट लेकर दर्शनार्थी गेट नंबर 4 एवं शंख द्वार से प्रवेश कर हर रोज की तरह भगवान में दर्शन लाभ ले सकेंगे, लेकिन ये व्यवस्था ज्यादा भीड़ होंने पर बंद कर दी जाती है. बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए ई-कार्ट एवं व्हील चेयर की व्यवस्था मिल जाएगी.
नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए
28 जुलाई की रात 12 बजे पट खुलेंगे. उसके पहले ही दर्शनार्थियों का लाइन में लगने का क्रम शुरू हो जाएगा. जो 29 जुलाई की रात 12 बजे तक जारी रहेगा. श्रद्धालूओं को महाकाल मंदिर के पीछे हरसिद्धि मंदिर के पास चार धाम मंदिर के यहां से नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिए लाइन में लगना होगा. चारधाम से हरसिद्धि, बड़ागणेश मंदिर बैरिकेडिंग से होते हुए गेट नंबर 4 से प्रवेश मिलेगा जो विश्राम धाम होते हुए एयरो ब्रीज से सीधा नागचंद्रेश्वर के दर्शन लिए जाएगा.
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