हमीरपुर में तबाही के बीच पहुंचे मंत्री, बिना जूते चप्पल के सुनी पीड़ितों की व्यथा
हमीरपुरः उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में यमुना और बेतवा नदी की बाढ़ से तीस से ज्यादा गांवों में बड़ी तबाही मची है। योगी सरकार के जलशक्ति राज्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का तीन बार दौरा कर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री मुहैया कराई है। लेकिन मंत्री, डीएम और महिला एसपी को कीचड़ और दलदल भरे रास्ते में नंगे पांव चलकर बाढ़ पीड़ितों तक जाने की दृश्य देख आम लोग दंग रह गए। कीचड़ भरे रास्ते में मंत्री से लेकर प्रशासन के आला अफसरों के नंगे पांव चलने का वीडियो यहां सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
पिछले एक हफ्ते से यहां हमीरपुर शहर और आसपास के तमाम गांव व डेरे यमुना, बेतवा नदी की बाढ़ से जूझ रहे है। दोनों नदियों के खतरे के निशान पार करने से पहले ही यहां प्रशासन ने कालेजों को राहत कैम्प के रूप में तब्दील कर दिया था। दोनों नदियों के उफनाने से केसरिया का डेरा, भोला का डेरा, मेरापुर, डिग्गी, रमेड़ी, चंदुलीतीर, सिड़रा, पारा, कलौलीतीर, कीरतपुर, सुरौली समेत दर्जनों गांवों के जलमग्न होने पर छह हजार से अधिक ग्रामीणों ने परिवार समेत प्रशासन के राहत कैम्पों व अन्य स्थानों पर शरण ली है। पहली बार बाढ़ की विभीषिका के बीच जलमग्न गांवों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए पीएसी व एसडीआरएफ की टीमों ने लगातार अभियान चलाया।
नाश्ता से लेकर भोजन के प्रबंधन
इन कैम्पों में नाश्ता से लेकर भोजन के प्रबंधन पहली बार बड़े स्तर पर किए गए है। बाढ़ पीड़ितों के बच्चों के लिए बिस्कुट, नमकीन के पैकेट भी रोजाना राहत कैम्पों में बंटवाए जा रहे है। और तो और बाढ़ पीड़ितों के हजारों की संख्या में मवेशियों के लिए चारा व भूसे का इंतजाम भी किया गया है। पिछले कई दिनों से राहत कैम्पों में पहली बार मेज कुर्सियों पर बाढ़ पीड़ितों को बैठाकर भोजन परोसा जा रहा है। खुद एडीएम फाइनेंस विजय शंकर तिवारी व अन्य अफसरों ने बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा जिसे देख बाढ़ पीड़ित भी वाह-वाह करने लगे। इन सबके बीच तथाकथित इलेक्ट्रानिक चैनल के कुछ लोगों ने प्रशासन के राहत कैम्पों में व्यवस्थाओं में खलल डालने का प्रयास किया। लेकिन समय रहते अफसरों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। राहत कैम्पों में डेरा डाले लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस चौकी भी खोली गई है।
प्रशासन ने झोंकी ताकत
बाढ़ से जूझ रहे हजारों ग्रामीणों का हालचाल लेने के लिए योगी सरकार ने मंत्रियों की तैनाती भी कर दी है। कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। उन्होंने राहत कैम्पों की व्यवस्थाएं देख प्रशासन की सराहना भी की। जलशक्ति राज्यमंत्री व प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद ने बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा किया। वह तीन बार बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा करने आए थे। दिन रात प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की मदद में लगा हुआ है।
नंगे पांव पीड़ितों तक पहुंचे मंत्री
बाढ़ से हमीरपुर शहर का ब्रम्हा का डेरा समेत तमाम गांव व मजरे चारों ओर से घिरे है। ऐसे में बाढ़ पीड़ितों का हालचाल लेने के लिए प्रशासन को बड़ी मुसीबत झेलनी पड़ी। प्रभारी मंत्री रामकेश निषाद, डीएम घनश्याम मीना, एसपी डॉ. दीक्षा शर्मा, सदर विधायक डॉ. मनोज प्रजापति समेत अन्य जनप्रतिनिधि व अफसर कीचड़ भरे रास्ते में नंगे पांव चलकर बाढ़ पीड़ितों से मिले। पीड़ितों को राहत सामग्री भी बांटी गई। नंगे पांव चलने का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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