बॉलीवुड बनाम साउथ सिनेमा: श्रुति हासन ने बताया इंडस्ट्री का असली फर्क
मुंबई : अभिनेत्री श्रुति हासन ने हाल ही में बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा में काम करने के अपने अनुभव को साझा किए। उन्होंने बताया कि साउथ के सितारे बॉलीवुड के सितारों की तुलना में अधिक विनम्र और ईश्वर भक्त होते हैं।
साउथ और बॉलीवुड में बताया अंतर
हाल ही में हॉलीवुड रिपोर्टर के साथ एक इंटरव्यू में श्रुति ने कहा कि उन्होंने कहा कि बॉलीवुड की तुलना में साउथ में जागरूकता और आध्यात्मिकता का स्तर अधिक है। साउथ के अभिनेता विनम्र रहते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि 'सरस्वती का आशीर्वाद उनसे दूर न जाए।' श्रुति ने बताया कि साउथ के सेट पर छोटी-छोटी परंपराएं निभाई जाती हैं, जैसे सुबह नारियल रखना या किसी देवता की तस्वीर सेट पर रखना। सेट पर नियमों का पालन होता है, साथ ही अभिनेता और कर्मचारी इस बात का ध्यान रखते हैं कि वे कैसे व्यवहार करते हैं।
कैसे साउथ है ज्यादा बेहतर
श्रुति ने आगे कहा कि साउथ में लोग सादगी पसंद करते हैं। वहां लोग बहुत पैसे होने के बावजूद साधारण कपड़े पहनते हैं और पुरानी कारों का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ कला के माध्यम हैं। अच्छी फिल्म, कहानी या गाना ही असली माध्यम है। हमारा काम कला को लोगों तक पहुंचाना है।' श्रुति ने आगे कहा कि संगीत सीखने और लंबे समय तक लोगों के साथ काम करने से उन्हें विनम्र रहना और अपना काम पूरी मेहनत से करना सीखने में मदद मिली।
श्रुति का करियर
श्रुति ने बॉलीवुड में 'लक', 'दिल तो बच्चा है जी' और 'डी-डे' जैसी फिल्मों में काम किया है। हाल ही में वे रजनीकांत की फिल्म 'कुली' में नजर आईं, जिसका निर्देशन लोकेश कनगराज ने किया है। यह फिल्म 14 अगस्त 2025 को रिलीज हुई थी।
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