विक्रमादित्य वैदिक घड़ी बताएगी भारतीय समय चक्र, महाभारत काल के साथ मिलेगा 7 हजार सालों का डाटा
भोपाल: मध्य प्रदेश से भारत के समय की पुनर्स्थापना की पहल शुरू की जा रही है. महाभारत के साथ वर्षों पुराने काल गणना के आधार पर इस घड़ी में समय देखा जा सकेगा. इसमें महाभारत काल के साथ 7 हजार साल से अधिक वर्षों के पंचांग, तिथि, नक्षत्र, योग, करण, वार, मास, व्रत और त्यौहार आदि की दुर्लभ जानकारियों को समाहित किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शौर्य स्मारक में 1 सितंबर को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण करेंगे.
भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि "विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली घड़ी है. विक्रमादित्य वैदिक घड़ी भारतीय परंपरा, वैदिक गणना और वैज्ञानिक दृष्टि का अद्भुत संगम है. इस घड़ी के माध्यम से भारत के गौरवपूर्ण समय को पुनर्स्थापित करने का प्रयास है. यह प्रयास विरासत और विकास, प्रकृति और तकनीक का संतुलन होगा. यह भारत की सांस्कृतिक धुरी बनकर वैश्विक भाषाओं और परंपराओं, आस्थाओं व धार्मिक कार्यों को जोड़ने वाली कड़ी बनेगी."
राशिफल 15 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित
खरीफ पूर्व तैयारी : राजनांदगांव में खाद वितरण तेज, वैकल्पिक उर्वरकों की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
सहकारिता मंत्री सारंग ने चांदबड़ में किया "संपर्क अभियान 2026" का शुभारंभ
राज्यमंत्री गौर शुक्रवार को करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल
स्काउट्स-गाइड्स बनेंगे युवा दूत मासिक धर्म स्वच्छता और लैंगिक समानता पर टूटेगी चुप्पी
धुरागांव सुशासन तिहार: समाधान के साथ हितग्राहियों को मिली खुशियां
फ्रांस की धरती पर चमकेगा एमपी का हुनर — खुशी दाभाडे करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व
सड़क, पुल, एक्सप्रेसवे, डिजिटल तकनीक से मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को मिल रही नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव