विधानसभा अध्यक्ष ने किया गंगा-भैरव घाटी का अवलोकन
जयपुर। अजमेर शहर को एक और बड़ी सौगात मिलने वाली है। शहर के काजीपुरा, खरेखड़ी, अजयसर और आस-पास के गांव में फैली गंगा-भैरव घाटी में लेपर्ड सफारी विकसित की जाएगी। रणथम्भौर, सरिस्का, रावली-टॉडगढ और जवांई बांध की तर्ज पर गंगा-भैरव घाटी को भी लेपर्ड सफारी और घाटी के मनोरम दृश्य देखने के लिए सैलानियों के लिए खोला जाएगा। सैलानी यहां घाटी में ट्रेकिंग के साथ ही सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय के अस्तबल, उनके राज्य के समृतियां, सैनिक छावनी स्थल और अन्य स्थानों पर घूम सकेंगे। ट्रेक पर सैलानियों के विश्राम की भी व्यवस्था होगी। आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में सैलानी यहां तेंदुओं को देखने आ सकते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने काजीपुरा स्थित गंगा-भैरव घाटी में बनने जा रहे लेपर्ड सफारी ट्रेक और रूट का अवलोकन किया। वन विभाग की मुख्य वन संरक्षक श्रीमती ख्याति माथुर और अन्य अधिकारी भी उनके साथ उपस्थित रहे। उन्होंने यहां प्रस्तावित लेपर्ड सफारी परियोजना की रूपरेखा को लेकर वन अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने घाटी क्षेत्र का निरीक्षण कर टिकट खिड़की, रेस्ट प्वाइंट्स, सेल्फी प्वाइंट्स तथा पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर मौके का निरीक्षण एवं गहन चर्चा की।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि भैरव घाटी में लेपर्ड सफारी बनने से अजमेर को एक नई पहचान पर्यावरणीय पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी। अजमेर पहले से ही शिक्षा नगरी के रूप में विख्यात है और अब पर्यटन के क्षेत्र में इसे और समृद्ध करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री से इस परियोजना को लेकर विस्तार से चर्चा की गई है। अजमेर के लिए लगभग 40 परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें से अधिकांश को वित्तीय स्वीेकृति प्राप्त हो चुकी है।
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