फैक्ट्री की पालतू ‘डेज़ी’ रातों-रात हुई लापता, 17 घंटे बाद खून से सनी हालत में मिली तो सबके उड़ गए होश
खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के बड़वाह इंडस्ट्रियल एरिया स्थित वाटर बॉटल प्लांट में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब फैक्टरी की फीमेल डाबरमैन डॉग 'डेजी' अचानक लापता हो गई। शुरुआती तौर पर किसी को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन अगले दिन सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर जो सच्चाई सामने आई, उसने सबको चौंका दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
फुटेज में रात 9 से 9:15 बजे के बीच एक तेंदुआ प्लांट परिसर में घूमता हुआ दिखाई दिया। वह लोडिंग वाहन के आसपास शिकार की तलाश कर रहा था और इसी दौरान डेजी को भागते हुए देखा गया। करीब 17 घंटे की खोजबीन के बाद डेजी मंगलवार दोपहर काटकूट फाटे के रहवासी इलाके में घायल अवस्था में मिली। उसकी चोटों से साफ नहीं है कि हमला तेंदुए का था या सामान्य हादसा।
कमरे में बंद थे अन्य डॉगी
फैक्टरी संचालक अमन ठाकुर ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि अन्य दो छोटे डॉग्स को उस रात कमरे के भीतर रखा गया था, वरना वे भी शिकार बन सकते थे। उसने बताया कि यदि डेजी गायब नहीं हुई होती तो हम कभी कल्पना नहीं कर सकते थे कि फैक्ट्री में तेंदुआ आया था।
रिजर्व फॉरेस्ट से जुड़ा है फैक्ट्री का इलाका
जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के पास का इलाका रिजर्व फॉरेस्ट से जुड़ा है, जहां तेंदुओं की अच्छी-खासी संख्या मौजूद है। यही वजह है कि आए दिन श्वान और मवेशियों पर हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शिकार की तलाश में ही तेंदुआ प्लांट परिसर तक आ पहुंचा। वन विभाग को सूचना दे दी गई है, फिलहाल इंसानों पर हमले की कोई खबर नहीं है। लेकिन इलाके में तेंदुए की बढ़ती दस्तक लोगों के लिए चिंता का सबब बन चुकी है।
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