भीलवाड़ा की टूटी एवं गड्ढों वाली सड़कों पर स्थाई लोक अदालत सख्त जिला कलेक्टर, नगर निगम, यूआईटी, पीडब्ल्यूडी सहित 7 को नोटिस जारी
भीलवाड़ा, 23 सितम्बर। शहर की टूटी-फूटी और गहरे गड्ढों से भरी सड़कों को लेकर पर्यावरणविद बाबूलाल जाजू की अधिवक्ता श्यामलाल मल्होत्रा के मार्फत दायर परिवाद में स्थाई लोक अदालत भीलवाड़ा के माननीय अध्यक्ष शाहबुद्दीन, सदस्य गोरधन सिंह कावड़िया व सदस्या सुमन त्रिवेदी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, नगर विकास न्यास, आरयूआईडीपी सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर 13 अक्टूबर को अदालत में उपस्थित होने के आदेश दिए।
जाजू ने याचिका में बताया कि शहर में सड़कों की स्थिति अत्यंत खराब है। गहरे गड्ढों और टूटी सड़कों के चलते आमजन को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिदिन हादसे हो रहे हैं, जिससे लोग घायल हो रहे हैं। साथ ही, बरसात में गड्ढों में पानी भरने से मच्छर पनप रहे हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जाजू ने परिवाद में शहर की सैकड़ों जगहों की तस्वीरें भी न्यायालय में प्रस्तुत कीं। इनमें नगर निगम काइन हाउस चौराहा, कांवा खेड़ा, गंगापुर तिराहा, शास्त्रीनगर, काशीपुरी चौराहा, तेज सिंह सर्कल, हरणी महादेव चौराहा, कृषि उपज मंडी रोड, सोनी हॉस्पिटल रोड, कनक पेट्रोल पंप रोड, जेल चौराहा, गर्ल्स कॉलेज चौराहा, हनुमान टेकरी, बड़ला चौराहा, गुरु गोविंद सिंह मार्ग, चामुंडा माता मंदिर रोड, आयकर भवन रोड सहित अनेक स्थान शामिल हैं। जाजू ने परिवाद में बताया कि 6 सितम्बर को नगर निगम आयुक्त, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और जिला कलेक्टर को लिखित में सड़कें ठीक करने का निवेदन भी किया गया, लेकिन लापरवाही बरतते हुए कोई कार्रवाई नहीं की गई। अधिवक्ता श्यामलाल मल्होत्रा ने बताया कि सड़कें सार्वजनिक उपयोगिता सेवा का हिस्सा हैं और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को सुगम आवागमन का मौलिक अधिकार है। जाजू ने परिवाद में दीपावली से पहले शहर को पाँच क्षेत्रों में बाँटकर सभी टूटी सड़कों और गहरे गड्ढों की मरम्मत कर गुणवत्तापूर्ण सड़कें बनवाने का आदेश जारी करने का निवेदन किया।
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