प्रदेश में मानसून की रफ्तार धीमी, लेकिन अभी पूरी तरह गया नहीं
मध्य प्रदेश में जहां कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर चल रहा है वहीं मानसून की विदाई भी शुरू हो गई है। 4 जिले नीमच, भिंड, मुरैना और श्योपुर से बुधवार को मानसून ने विदाई ले ली है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिन में प्रदेश के 10 से ज्यादा जिलों में और विदाई हो सकती है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक-दो दिन में प्रदेश के कुछ क्षेत्र में तेज बारिश हो सकती है।
सीधी में डेढ़ इंच बारिश
बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। सीधी में 36 मिमी यानी, करीब डेढ़ इंच पानी गिर गया। भोपाल के कुछ इलाकों में दोपहर के समय हल्की बूंदाबांदी हुई। बैतूल, नर्मदापुरम, रीवा, उमरिया, बालाघाट में भी बारिश दर्ज की गई।
अब इन जिलों विदा होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, अब उज्जैन और ग्वालियर संभाग से मानसून विदाई लेगा। इसके बाद इंदौर, भोपाल, सागर, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के जिलों से मानसून विदा होने लगेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि आने वाले 2 से 3 दिन में मध्यप्रदेश के कुछ और जिलों से मानसून लौटने की संभावना है। जिन 4 जिलों से मानसून लौटा है, उनमें अबकी बार 35 से 115 प्रतिशत तक बारिश ज्यादा हुई है। चंबल संभाग के श्योपुर में सामान्य 26.2 इंच के मुकाबले 56.6 इंच पानी गिर गया, जो 115 प्रतिशत अधिक है। भिंड में 32.4 इंच, मुरैना में 37 इंच और नीमच में 42.9 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से ज्यादा है।
अब तक औसत 44 इंच बारिश हुई
प्रदेश में अब तक औसत 44 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 36.8 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.2 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 118 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।
Devi Bhagavata Purana का रहस्य: कौन हैं Durga के स्वामी?
क्या आज भी पृथ्वी पर हैं Hanuman? Ramayana के बाद की रहस्यमयी कथा
1.5 लाख बाराती, 7500 किलो चावल… मदुरै की महारानी की शादी का शाही जलवा
महादेव भी करते हैं इस राम मंत्र का जप? जानें सही समय और गुप्त लाभ
हर संकट का समाधान: श्री राम ध्यान मंत्र का अर्थ, लाभ और जप विधि
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव