कोलकाता में ED का बड़ा खुलासा: पाकिस्तानी नेटवर्क से जुड़ा डुलाल गिरफ्तार, 250 फर्जी पासपोर्ट का पर्दाफाश
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ED ने बड़ा एक्शन लिया है. प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने इंदुभूषण हलदार उर्फ डुलाल को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी पाकिस्तान के नागरिक आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक उर्फ अहमद हुसैन आजाद के मामले में की गई है. हलदार को कोलकाता की बिचार भवन स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ED को 5 दिन की हिरासत मंजूर दी गई है ताकि आगे की जांच की जा सके.
ED की जांच की शुरुआत पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज एक एफआईआर से हुई थी, जो फॉरेनर्स एक्ट, 1946 की धारा 14 और 14A के तहत दर्ज की गई थी. जांच में सामने आया कि आजाद हुसैन, जो असल में पाकिस्तान का नागरिक है. ईडी ने बताया कि आरोपी भारत में आजाद मलिक के नाम से फर्जी पहचान पर रह रहा था. वह पैसे लेकर बांग्लादेश से आए गैरकानूनी प्रवासियों के लिए भारतीय पहचान पत्र बनवाने के काम में शामिल था.
आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को किया गिरफ्तार
ED ने बताया कि आजाद हुसैन को 15 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है. आगे की जांच में पता चला कि उसने कई बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पासपोर्ट दिलाने के लिए इंदुभूषण हलदार से संपर्क कराया था. इंदुभूषण हलदार नदिया जिले के चकदह का रहने वाला है और इस पूरे रैकेट का अहम सदस्य है.
250 फर्जी पासपोर्ट, बचने के लिए हाईकोर्ट में दायर की याचिका
ED ने बताया कि इंदुभूषण हलदार ने पासपोर्ट के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आवेदन कराने का काम किया, जिसके बदले में वह अच्छी-खासी रकम लेता था. अब तक ED की जांच में करीब 250 फर्जी पासपोर्ट मामलों का पता चला है, जिनमें हलदार की सीधी भूमिका रही है. हलदार ने पहले Anticipatory Bail के लिए कोलकाता की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट और फिर हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन दोनों जगह से उसकी याचिका खारिज कर दी गई.
ED नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा
वहीं इससे पहले, ED ने 13 जून 2025 को आजाद हुसैन उर्फ अजाद मलिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अभियोजन शिकायत दाखिल की थी, जिस पर 19 जून 2025 को अदालत ने संज्ञान लिया था. ED ने कहा है कि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है. माना जा रहा है कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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