महतारी वंदन योजना की किस्त नहीं आई? जानिए कैसे चेक करें अपना स्टेटस और पाएं 1000 रुपये"
Mahtari Vandan Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना की 21वीं किस्त जारी कर दी है। इस बार प्रदेश की 69 लाख महिलाओं के खातों में कुल ₹647.28 करोड़ की राशि ट्रांसफर की गई है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार की सबसे बड़ी पहल मानी जा रही है।
इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने ₹1000 की राशि सीधे जमा की जाती है। अब तक 20 किस्तों के माध्यम से ₹13,024.40 करोड़ की राशि हितग्राही महिलाओं को दी जा चुकी है। इस बार पहली बार नेयद नेल्लानार क्षेत्र की 7,658 महिलाओं को भी योजना का लाभ मिला है। सरकार के मुताबिक, योजना के तहत शामिल 327 गांवों में योजनाओं की पहुंच तेजी से बढ़ाई जा रही है।
अगर खाते में पैसे नहीं आए तो क्या करें?
कई महिलाओं ने शिकायत की है कि उन्हें अभी तक किस्त की राशि नहीं मिली। ऐसे में लाभार्थी योजना की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं। इसके लिए आधार लिंक मोबाइल नंबर या लाभार्थी कोड की जरूरत होती है। वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status List” पर क्लिक करें और अपनी जानकारी दर्ज करें।
खाते में पैसा न आने के संभावित कारण:
-
बैंक अकाउंट ब्लॉक या फ्रीज होना
-
KYC डॉक्यूमेंट लंबित रहना
-
ट्रांजेक्शन लिमिट पार हो जाना
-
खाताधारक का निधन या निष्क्रिय खाता
अगर आपका आधार निष्क्रिय है, तो नजदीकी आधार सेवा केंद्र में जाकर बायोमैट्रिक अपडेट कराएं। अन्य बैंकिंग समस्याओं के लिए सीधे अपने बैंक से संपर्क करें।
छत्तीसगढ़ सरकार का कहना है कि महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

पीएम मोदी की बड़ी सौगात—MP को मिलेंगी 2 नई अमृत भारत ट्रेनें, कई शहरों को फायदा
भीषण गर्मी का कहर—स्कूलों में समय से पहले घोषित हुई गर्मियों की छुट्टियां
अंबिकापुर में आग की घटना के बाद निगम ने सख्त रुख अपनाया
दमदम में पीएम मोदी का बड़ा हमला—“बंगाल का गौरव बचाने को TMC से मुक्ति जरूरी”
अंतिम संस्कार में भी सियासत: गहलोत ने सरकार पर साधा निशाना
जबलपुर रेल मंडल में पोषण पखवाड़ा 2026: जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
बिलासपुर हाई कोर्ट ने नगरपालिका से निगम में ट्रांसफर को बताया अवैध
SMS अस्पताल में अव्यवस्था: सरकारी आदेश से मरीजों की बढ़ी परेशानी
चुनावी मैदान में महिला वोटर बनीं सबसे बड़ा फैक्टर