इंदौर RTO में पत्रकारों पर हमला, पत्रकारों में गुस्सा भड़का, उमंग सिंघार ने दर्ज कराया विरोध
इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में न्यूज 24 एमपी सीजी और लल्लूराम डॉट कॉम की टीम पर हुए हमले की कड़ी निंदा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने की है। उन्होंने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर टिप्पणी करते हुए प्रदेश सरकार और सिस्टम पर निशाना साधा। सिंघार ने कहा कि इंदौर के पत्रकार हेमंत शर्मा और उनके कैमरामैन पर RTO कार्यालय में गुंडों ने हमला किया। उनका आरोप है कि पत्रकारों ने आरटीओ में फैले “लाइसेंस वाले भ्रष्टाचार” का स्टिंग किया था, जिसके बाद कैमरा तोड़ दिया गया। उन्होंने एक्स प्लेटफार्म पर लिखा कि प्रदेश में सच दिखाना अब किसी युद्ध से कम नहीं है। पत्रकार कलम चलाएं तो भाजपा के गुंडे डंडे चलाते हैं। मीडिया पर हमला सीधे लोकतंत्र पर हमला है। भ्रष्टाचारियों के लिए राहत और सच दिखाने वालों के लिए लाठी, यही भाजपा सरकार का शासन मॉडल है। उन्होंने तंज कसा कि सरकार इतनी संवेदनशील है कि आरटीओ की लूट का सच देखने भर से उन्हें चक्कर आने लगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की मूल शक्ति है और किसी भी तरह के दबाव या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
इस घटना के बाद मीडिया संगठनों और पत्रकारों में गहरी चिंता देखी गई है। रॉयल प्रेस क्लब समेत कई पत्रकार संघों ने भी हमले की निंदा की है और सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। रॉयल प्रेस क्लब के अध्यक्ष पंकज सिंह भदौरिया ने परिवहन मंत्री राव उदयप्रताप सिंह के बंगले पहुंचे और मंत्री के मौजूद नहीं होने पर फोन पर बात की और आरोपियों पर हत्या के प्रयास की धारा समेत बीएनएस की समुचित धाराओं में केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने पर शनिवार को सभी आरटीओ कार्यालयों पर पत्रकार प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराएंगे।
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