भारत की हुई वैश्विक वाहवाही...CEC ज्ञानेश कुमार बने इंटरनेशनल IDEA के अध्यक्ष, जानें दुनिया भर में क्यों हो रही चर्चा
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इंटरनेशनल आईडीईए अध्यक्षता संभालने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बुधवार को वे स्वीडन के स्टॉकहोम में आयोजित सदस्य देशों की समिति की बैठक में इस प्रतिष्ठित पद की बागडोर अपने हाथों में लेंगे। अध्यक्ष के रूप में वे पूरे वर्ष 2026 में सभी काउंसिल मीटिंग्स का नेतृत्व करेंगे। चुनाव आयोग ने इस अवसर को भारत के फ्री, फेयर और ट्रांसपेरेंट चुनाव संचालित करने की वैश्विक पहचान बताया है।
इंटरनेशनल आईडीईए, जिसकी स्थापना 1995 में हुई थी, दुनियाभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के लिए समर्पित एक अंतर सरकारी संगठन है। वर्तमान में 35 देश इसके सदस्य हैं, जबकि अमेरिका और जापान ऑब्जर्वर के तौर पर जुड़े हैं। 2003 से इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र महासभा में ऑब्जर्वर का दर्जा प्राप्त है। भारत इसके संस्थापक सदस्यों में शामिल है और लगातार इसके लोकतांत्रिक संवाद और संस्थागत सुधारों में योगदान देता रहा है।
चुनाव आयोग का कहना है कि इंटरनेशनल आईडीईए अध्यक्षता भारत की चुनावी प्रणाली की मजबूती और नवाचार का प्रमाण है। सीईसी ज्ञानेश कुमार विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में चुनाव कराने के अपने अनुभव का उपयोग ग्लोबल एजेंडा तैयार करने में करेंगे। इससे नॉलेज-शेयरिंग बढ़ेगी, चुनाव प्रबंधन संस्थाओं के बीच प्रोफेशनल नेटवर्क मजबूत होगा और वैश्विक चुनाव सुधारों को प्रोत्साहन मिलेगा।
भारत का चुनाव आयोग अपने प्रशिक्षण संस्थान आईआईआईडीईएम के माध्यम से 142 देशों के 3,169 अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है। भविष्य में आईडीईए और आईआईआईडीईएम मिलकर चुनावी हिंसा, गलत सूचना और मतदाताओं के विश्वास जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त कार्यक्रम और शोध को आगे बढ़ाएंगे। यह कदम भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
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