ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स का समापान........ जायरीनों का लौटना शुरू
अजमेर। ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स में दरगाह के अहाता ए नूर में छठी की फातिहा हुई। इसके बाद महफिल खाना में कुल की महफिल हुई। दोपहर को दरगाह दीवान के पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती जन्नती दरवाजे से होकर आस्ताना शरीफ गुस्ल की रस्म अदा की। उनके जन्नती दरवाजे में दाखिल होते ही यह दरवाजा बंद किया गया। कुल की रस्म अदा करने के साथ ही उर्स का समापन हो गया। इसके बाद जायरीनों का लौटना शुरू हो गया है। शनिवार को 814वें उर्स का सबसे पवित्र दिन छठी शरीफ मनाई गई। पूरी दरगाह सुबह से शाम तक रूहानी रंग में रंगी रही और जायरीनों की भीड़ ने एक अनोखा आध्यात्मिक समंदर बना दिया। दरगाह दीवान के पुत्र ने महफिल खाने में शाही महफिल सजाई। जिसमें मशहूर शाही कव्वालों ने अपनी मधुर आवाज में कव्वाली पेश की। बाद में कुल की रस्म अदा की। खादिमों ने एक-दूसरे की दस्तारबंदी की और उर्स मुबारकबाद दी। पूरे दिन दरगाह परिसर में नजर-ओ-नियाज और लंगर का सिलसिला जारी रहा। हजारों लोगों ने लंगर में हिस्सा लिया।
2 अप्रैल 2026 राशिफल: किस पर बरसेगी किस्मत, किसे भुगतनी पड़ सकती हैं चुनौतियां
पीएम आवास योजना से बना ग्वालिन के सपनों का आशियाना
मध्यप्रदेश पुलिस की वाहन चोरों पर प्रभावी कार्यवाही
शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का बढ़ा आकर्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मायावती लखनऊ से चुनावी शंखनाद करेंगी, BSP के सामने चुनौती का पहाड़
हर घर नल-जल से बिराजपाली के ग्रामीणों को कठिनाईयों से मिली निजात
21 जिलों के निरीक्षण में खामियां उजागर, राज्य खाद्य आयोग ने विभागों को दिए सख्त निर्देश
सृजन अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग की पहल
कंबाइन हार्वेस्टरों को मिलेगी टोल से छूट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव