मध्य प्रदेश के मंत्रियों को मिला नए साल का गिफ्ट, कैबिनेट में बस किराए में कमी का निर्णय
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई. कैबिनेट की बैठक में मध्य प्रदेश में नगर निगम क्षेत्रों से लगे उप नगरों तक चलने वाली यात्री बसों के किराए में राज्य सरकार ने राहत दी है. इन यात्री बसों पर लगने वाले टैक्स को राज्य सरकार ने घटा दिया है. इससे आने वाले समय में बड़े शहरों से उप नगरों के बीच यात्रा करना सस्ता होगा. परिवहन विभाग के मोटरयान कराधार अधिनियम की धाराओं में संशोधन का यह प्रस्ताव अगली कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा. साल की पहली कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों को टैबलेट भी दिए गए.
मंत्रियों को मिले हाईटेक टैबलेट
साल की पहली कैबिनेट की बैठक में मंत्रियों को हाईटेक टैबलेट दिए गए. यह टैबलेट सबसे लेटेस्ट और एडवांस मॉडल के हैं. यह टैबलेट ई कैबिनेट एप्लीकेशन से लैस हैं. इस एप्लीकेशन को नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर (एनआईसी) द्वारा तैयार किया गया है. इस एप्लीकेशन को अपनाने वाला मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बाद तीसरा राज्य बन गया है. सरकार में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने बताया कि "अब अगली 2 कैबिनेट की बैठक के बाद कैबिनेट से जुड़ी कार्रवाई टैबलेट के माध्यम से ही होगी."
बसों का किराया होगा सस्ता
कैबिनेट की बैठक में परिवहन विभाग के मोटरयान कराधान अधिनियम की पहली और दूसरी अनुसूची की धारा 23 में 4 प्रमुख संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. अब इस संशोधन अधिनियम को आगामी विधानसभा में लाया जाएगा. इसमें राज्य सरकार ने बड़े शहरों से उपनगर के बीच चलने वाली यात्री बसों के परमिट शुल्क में कटौती का निर्णय लिया है.
अभी राजधानी भोपाल से मंडीदीप और इंदौर से पीथमपुर के बीच चलने वाली यात्री बसों से अभी 150 रुपए प्रति सीट प्रतिमाह परमिट शुल्क लिया जाता है. अब इसी शुल्क पर यह वाहन 3 माह तक संचालित हो सकेंगे. इससे आने वाले समय में यात्री किराए में कमी आएगी. इसी तरह अस्थायी परमिट और ट्रकों की चेचिस पर पंजीयन करवाने वालों को अब ज्यादा शुल्क देना होगा.
बुरहानपुर की सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
बुरहानपुर की मध्यम सिंचाई परियोजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी. इस परियोजना की लागत 922 करोड़ रुपए है. इस परियोजना से 17700 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी. बुरहानपुर के नेपानगर की सिंचाई परियोजना को भी कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी. 1676 करोड़ की इस परियोजना से क्षेत्र की 34 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी. इस परियोजना से करीबन 22 हजार किसान लाभांन्वित होंगे.
एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने बताया कि "इन दोनों परियोजनाओं से आदिवासी अंचल के लोग लाभांवित होंगे. बुरहानपुर जिला अभी सिंचाई के मामले में 41 वें नंबर पर है. इस परियोजना से जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ेगा."
नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय परियोजना हस्तांरित
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत नर्मदा का पानी 2028 तक लिफ्ट करना है. नर्मदा-क्षिप्रा बहुउद्देश्यीय परियोजना 2489 करोड़, बदनाबद माइक्रो लिफ्ट एरिगेशन परियोजना 1520 करोड़ की है. इन दोनों परियोजनाओं को नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया गया है. राज्य सरकार ने इन दोनों परियोजना में जितनी राशि खर्च की है, उसे कंपनी की अंश पूंजी में परिवर्तित कर दिया जाएगा. मंत्री ने बताया कि इसके बाद एरिगेशन परियोजना में मेंटेनेंस का काम कंपनी ही करेगी.
आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, पुल निर्माण की समयावधि बढ़ी
मध्य प्रदेश के 22 जिलों में रहने वाली बैगा, भारिया और सहरिया आदिवासी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए शुरू की गई पीएम जनमन योजना को 2031 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. ग्रामीण विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित इस योजना के तहत 1039 किलोमीटर की सड़क और 12 पुलिया का निर्माण किया जाना है. इस पर 795 करोड़ की राशि खर्च होगी.
मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की योजनाओं को भी 2031 तक बढ़ा दिया गया है. इसमें 17196 करोड़ की राशि से 20 हजार किलोमीटर की सड़क और 1200 पुलों का निर्माण किया जाएगा.
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