माघ मासिक शिवरात्रि कब है? रात में लगेगी भद्रा, जानें तारीख, शिव पूजा मुहूर्त और महत्व
जनवरी की मासिक शिवरात्रि माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को है. यह नए साल 2026 की पहली शिवरात्रि भी है. इस मासिक शिवरात्रि पर रात में भद्रा लग रही है. मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाती है. उनकी कृपा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और कष्ट दूर होते हैं. मासिक शिवरात्रि को आप रुद्राभिषेक कराकर धन, धान्य, संतान, सुख, समृद्धि आदि की प्राप्ति कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि माघ मासिक शिवरात्रि कब है? मासिक शिवरात्रि का मुहूर्त, भद्रा समय क्या है?
माघ मासिक शिवरात्रि की तारीख
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 16 जनवरी दिन शुक्रवार को रात में 10 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो रही है. इस तिथि का समापन 17 जनवरी की देर रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रहा है. निशिता मुहूर्त के आधार पर माघ की मासिक शिवरात्रि 16 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी.
मासिक शिवरात्रि मुहूर्त
16 जनवरी को मासिक शिवरात्रि के दिन निशिता पूजा का मुहूर्त 54 मिनट का है. यह मुहूर्त रात में 12 बजकर 4 मिनट से शुरू होती है और मध्य रात्रि को 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगी.
उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त 05:27 ए एम से 06:21 ए एम तक है, वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:10 पी एम से 12:52 पी एम तक रहेगा. शिवरात्रि का राहुकाल दिन में 11:12 ए एम से दोपहर 12:31 पी एम तक है.
आमजन मासिक शिवरात्रि की पूजा सूर्योदय से कर सकते हैं. माघ शिवरात्रि पर 07:15 ए एम से लेकर सुबह 11:12 ए एम तक शुभ समय है. इसमें आप विधि विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा करें.
ध्रुव योग में मासिक शिवरात्रि
मासिक शिवरात्रि के दिन ध्रुव योग और मूल नक्षत्र है. ध्रुव योग प्रात:काल से लेकर रात में 09 बजकर 06 मिनट तक है. उसके बाद व्याघात योग बनेगा. शिवरात्रि पर मूल नक्षत्र है, जो प्रात:काल से पूर्ण रात्रि तक है. चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य मकर राशि में रहेंगे.
मासिक शिवरात्रि पर रात में भद्रा
जनवरी की मासिक शिवरात्रि पर भद्रा रात में लग रही है. भद्रा का प्रारंभ रात में 10 बजकर 21 मिनट से होगा और यह 17 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगी. इस भद्रा का वास पाताल लोक में है.
मासिक शिवरात्रि का महत्व
मासिक शिवरात्रि का व्रत और शिव पूजा करने से पाप, कष्ट, रोग, दोष मिटते हैं. इस दिन शिव जी के मंत्रों का जाप करने से सिद्धियों की प्राप्ति होती है. महादेव के अशीर्वाद से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.
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