राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल, 41 जिलों के प्रभारी सचिव बदले
जयपुर|राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ब्यूरोक्रेसी में व्यापक स्तर पर फेरबदल किया है। इस क्रम में प्रदेश के सभी 41 जिलों के प्रभारी सचिवों की अदला-बदली कर दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस नई सूची में 13 जिलों की जिम्मेदारी महिला आईएएस अधिकारियों को सौंपी गई है। इससे न केवल प्रशासन में महिला नेतृत्व की भूमिका मजबूत हुई है, बल्कि शासन की निर्णय प्रक्रिया में भी विविधता और संतुलन बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।सरकार के इस कदम को प्रशासनिक समन्वय और जिलों में प्रभावी मॉनिटरिंग की दिशा में अहम माना जा रहा है। फेरबदल के तहत सभी संभागीय आयुक्तों को उनके ही संभाग के किसी एक जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे संभाग और जिला स्तर पर तालमेल बेहतर होगा, योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और जमीनी स्तर पर प्रशासन की पकड़ मजबूत होगी।
एपीओ अधिकारियों को भी जिला प्रभार
इस फेरबदल की एक खास बात यह भी रही कि एपीओ चल रहे दो अधिकारियों को भी जिला प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। केंद्र से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर लौटे आईएएस पी.सी. किसन को दौसा जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है, जबकि एपीओ खजान सिंह को नवगठित सलूंबर जिले की जिम्मेदारी दी गई है। इसे संकेत माना जा रहा है कि इन अधिकारियों को जल्द ही नियमित पदस्थापना मिल सकती है। प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि आने वाले समय में एक और तबादला सूची जारी हो सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों को नए जिले
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव भवानी देथा को जोधपुर जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है। खान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकांत को उदयपुर, नगरीय विकास एवं आवास विभाग (UDH) के प्रमुख सचिव देबाशीष पृष्टि को बीकानेर, खेल सचिव नीरज के. पवन को अजमेर और डीओआईटी सचिव रविकुमार सूरपुर को कोटा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों से यह साफ है कि सरकार ने अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारियां तय की हैं।
13 महिला आईएएस को अहम जिम्मेदारी
इस सूची में 13 महिला आईएएस अधिकारियों को जिला प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है, जिनमें जयपुर और भरतपुर जैसे प्रमुख संभाग मुख्यालय भी शामिल हैं। प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ को जयपुर जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है, जबकि सहकारिता सचिव आनंदी को भरतपुर की जिम्मेदारी दी गई है।राज्य भंडारण निगम की सीएमडी आरूषि अजेय मलिक और प्रमुख सचिव मंजू राजपाल को भीलवाड़ा जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है। पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियार को बूंदी और भरतपुर संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया को डीग जिले की जिम्मेदारी दी गई है। ये नियुक्तियां महिला अधिकारियों की प्रशासनिक दक्षता पर सरकार के भरोसे को दर्शाती हैं।
अन्य जिलों में भी बदलाव
आजीविका निदेशक नेहा गिरी को डूंगरपुर, परिवहन सचिव शुचि त्यागी को करौली, समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल को कोटपूतली-बहरोड़ और जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम को खैरथल-तिजारा जिले का प्रभारी सचिव बनाया गया है। वहीं उदयपुर संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को प्रतापगढ़, रीको एमडी शिवांगी सवर्णकार को सवाई माधोपुर और जोधपुर संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह को सिरोही जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फरवरी 2024 के बाद फिर बदलाव
उल्लेखनीय है कि इससे पहले फरवरी 2024 में भी जिलों के प्रभारी सचिवों में बदलाव किया गया था। ऐसे में एक बार फिर हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को सरकार की सक्रिय रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इन बदलावों से जिलों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक चुस्त-दुरुस्त होगी और सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने में तेजी आएगी।
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