शादी से पहले ब्लैकमेलिंग का खौफ: मऊगंज की शालिनी सिंह की दर्दनाक मौत
MP News: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र से सामने आया मऊगंज आत्महत्या मामला न सिर्फ दिल दहला देने वाला है, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। 23 वर्षीय शालिनी सिंह की शादी 14 फरवरी 2026 को तय थी। घर में मेहंदी, शहनाई और नई जिंदगी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन शालिनी के मन में डर और बदनामी का साया गहराता जा रहा था।
परिजनों का आरोप है कि पड़ोस का युवक जावेद अंसारी उर्फ शालू अंसारी लगातार फोन कर शालिनी को धमकाता था। वह कथित तौर पर कहता था कि अगर उसने शादी की, तो उसका वीडियो वायरल कर देगा। इन धमकियों ने शालिनी को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया। पुलिस की मर्ग जांच के दौरान मृतिका की मां, बहनें, भाई और सहेली—सभी ने बयान दिया कि शालिनी लंबे समय से लगातार कॉल्स और धमकियों से परेशान थी।
घटना 10 जनवरी 2026 की दोपहर करीब 3:30 बजे की है। शालिनी के पिता रणबहादुर सिंह दुकान पर थे, तभी घर से सूचना मिली कि बेटी ने फांसी लगा ली है। पिता तुरंत घर पहुंचे। शालिनी कमरे में पंखे के कुंडे से रस्सी के सहारे लटकी हुई थी। परिजन उसे तुरंत नईगढ़ी अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया गया। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह केवल आत्महत्या थी, या धमकियों और ब्लैकमेलिंग से उकसाई गई मौत। इसी मऊगंज आत्महत्या मामला में पंचनामा, नजरी नक्शा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विधिक राय के आधार पर पुलिस ने आरोपी जावेद अंसारी के खिलाफ धारा 108 बीएनएस (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
मायके की संपत्ति पर पति या ससुराल का कोई हक नहीं: आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
भारत का तेजस प्रोजेक्ट पर पड़ा महायुद्ध का असर, इंजन और रडार की आपूर्ति में आई कमी
ईरान में नया शासन? अमेरिका के रक्षा मंत्री हेगसेथ का बड़ा बयान
पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी ने जारी की चौथी सूची, दूसरी सूची में किया एक बदलाव
पुरातत्व विभाग की नीतियों के खिलाफ बढ़ा विरोध, दिल्ली तक गूंज
अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा- ‘नक्सलियों के साथ रहते-रहते खुद बन गए’
देश का सबसे बड़ा नक्सल डंप रिकवर, करोड़ों रुपये, सोना-चांदी बरामद
नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी बुरी तरह फंसा: 20 साल का कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माना
Varanasi में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित