मंत्रालय में फर्जी IAS की एंट्री से हड़कंप, बैच नंबर पूछते ही खुली पोल, नकली अफसर गिरफ्तार
भोपाल। मध्य प्रदेश के सबसे संवेदनशील प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक युवक के फर्जी आईएएस बनकर घुसने का मामला सामने आया है. यही वह इमारत है, जहां मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्य सचिव अनुराग जैन का दफ्तर स्थित है. घटना ने मंत्रालय की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. सूत्रों के अनुसार युवक ने खुद को 2019 बैच का आईएएस अधिकारी बताते हुए मंत्रालय में प्रवेश किया. उसने बाकायदा पास बनवाया और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) पहुंचकर ट्रांसफर को लेकर चर्चा शुरू कर दी. विभाग में पदस्थ डिप्टी सेक्रेटरी अजय कटसेरिया से बातचीत के दौरान जब उससे बैच, कैडर और सर्विस डिटेल्स पूछी गईं तो वह उलझ गया. जवाब संदिग्ध लगते ही अधिकारी को शक हुआ और तत्काल सिक्योरिटी ऑफिसर को बुलाया गया. जांच में युवक की पहचान योगेंद्र सिंह चौहान निवासी इंदौर के रूप में हुई. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि वह भोपाल ट्रांसफर के बहाने मंत्रालय में दाखिल हुआ था. उसके पास मौजूद दस्तावेजों की जांच की जा रही है. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है।
सुरक्षा में सेंध कैसे?
वल्लभ भवन में बहुस्तरीय सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, पास सिस्टम और हर गेट पर सशस्त्र बलों की तैनाती रहती है. सब-इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारी 24 घंटे ड्यूटी पर मौजूद रहते हैं. इसके बावजूद फर्जी अधिकारी का प्रवेश करना सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है. अब सवाल यह है कि पास किस आधार पर जारी हुआ? सत्यापन प्रक्रिया में कहां चूक हुई? क्या किसी स्तर पर अंदरूनी लापरवाही या मिलीभगत की संभावना है? मामले के सामने आते ही मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी गई है. उच्च स्तर पर जांच के निर्देश दिए जाने की तैयारी है. यह घटना न केवल सुरक्षा तंत्र बल्कि प्रशासनिक प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है।
पुलिस बोली- मानसिक रूप से पीड़ित है, परिजन थाने लेने पहुंचे
इस मामले में अरेरा हिल्स थाना पुलिस का कहना है कि मंत्रालय से सूचना मिली थी कि कोई संदिग्ध व्यक्ति घुसपैट कर चुका है और वह तीसरी मंजिल में जाकर एक अधिकारी के पास बैठा हुआ है. जिसके बाद उसकी जांच की गई और वह फर्जी पाया गया. सुरक्षा अधिकारी की निगरानी पर सवाल खड़ा करता है. कोई व्यक्ति विद्यालय में दाखिल होता है. उसका पास बनाया जाता है. जांच होती है. इसके अलावा आधार कार्ड तक देखा जाता है. लेकिन इस घटना के बाद स्पष्ट है की सुरक्षा व्यवस्था सिर्फ दिखावे की मंत्रालय में बनी हुई है।
धर्म नगरी वाराणसी में महान शासक विक्रमादित्य के जीवन चरित्र मंचन तैयारी पूर्ण
महिला फुटबॉल में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, झारखंड को हराकर जीता स्वर्ण पदक
ककनार घाटी के नीचे थमा लाल आतंक का शोर, अब गूंजती है बस की हॉर्न
किशोरी की मौत: पालतू कुत्ते के खरोंच को नजरअंदाज करने पर रेबीज से हताहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का करेंगे शुभारंभ
भारत के हथियारों की दुनिया में धूम, रिकॉर्ड स्तर पर एक्सपोर्ट
Narendra Modi से मिले ओमप्रकाश सखलेचा, AI और खेती पर चर्चा
1984 दंगों के वकील एचएस फूलका BJP में शामिल, पहले AAP से लड़ चुके हैं चुनाव
सिम रैकेट का भंडाफोड़: 600 से ज्यादा भारतीय SIM कार्ड कंबोडिया में स्मगल