प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल बने शिवम वर्मा
इंदौर| कलेक्टर शिवम वर्मा की एक पहल ने सभी का दिल जीत लिया. कलेक्टर ने 40 ऐसे बच्चों को गोद लिया है, जिनके माता-पिता भिक्षावृत्ति में लिप्त थे और वो बच्चों की पढ़ाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं देते थे. ऐसे बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी कलेक्टर शिवम वर्मा ने ली है|
कलेक्टर ने बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी ली
बता दें कि ये सभी बच्चे स्कूल जाने की उम्र के हैं और निचली बस्तियों में रहते हैं. इनके माता पिता को विभाग की टीम रेस्क्यू कर सेवाधाम आश्रम में भेज चुकी है. माता पिता के आश्रम जाने के बाद इन बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा था. लिहाजा कलेक्टर ने पहल करते हुए इन बच्चों की पढ़ाई की वय साथ की है|
कलेक्टर शिवम वर्मा क्या बोले?
मंगलवार को सभी 40 बच्चे कलेक्टर ऑफिस पहुंचे थे, जहां खुद कलेक्टर वर्मा ने बच्चों को अपने हाथ से चॉकलेट्स के साथ ही यूनिफॉर्म, बैग, पानी की बोतल, पेंसिल और किताबें सहित पढ़ाई से संबंधित पूरा किट दिया है. कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि ये बच्चे पढ़ लिखकर पुलिस और शिक्षा सहित दूसरे विभागों में जाना चाहते हैं. ऐसे में इनकी पढ़ाई की जिम्मेदारी प्रशासन द्वारा की गई है. बच्चों की पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दिया जाएगा|
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने
इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
क्या खत्म होगा संसद का गतिरोध? NEET विवाद पर राहुल गांधी की बैठक से बढ़ी सियासी हलचल
CJP प्रदर्शन पर सरकार का रुख साफ, बोली- बातचीत के लिए हमेशा तैयार, 24 घंटे में दिए 4 प्रस्ताव