जबलपुर में स्कूल वैन के रूप में चल रहे LPG वाहनों पर रोक, 1 अप्रैल से आदेश लागू
जबलपुर|अगर आप अपने बच्चों को किसी भी वैन या ऑटो से स्कूल पहुंचाते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब आपको यह जांचना होगा कि कहीं वह वाहन एलपीजी गैस से तो संचालित नहीं हो रहा है. जबलपुर जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस से चलने वाले उन सभी वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है जो स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने का कार्य करते हैं|जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और उनकी सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसी कारण एलपीजी गैस किट लगे वैन या ऑटो से बच्चों का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है|
बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय
कलेक्टर कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गेहलोत, आरटीओ संतोष पॉल और यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य उपस्थित रहे. कलेक्टर राघवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 अप्रैल से जिले के किसी भी शासकीय या अशासकीय विद्यालय में एलपीजी संचालित वाहनों से छात्रों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा|
सुरक्षा समीक्षा में सामने आया खतरा
बैठक के दौरान स्कूली परिवहन व्यवस्था की सुरक्षा समीक्षा की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि गैस किट लगे वाहन बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम साबित हो सकते हैं. आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस अधीक्षक और यातायात पुलिस को स्कूल समय के दौरान औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी को जिले के सभी सीबीएसई, आईसीएसई और माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबद्ध विद्यालयों को इस आदेश की जानकारी देने और उनसे अनुपालन प्रतिवेदन प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं|
उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल के बाद यदि कोई स्कूल एलपीजी वाहन का उपयोग करते हुए पाया गया तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित संस्था तथा वाहन स्वामी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. स्कूल प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते एलपीजी वाहनों के स्थान पर वैधानिक रूप से अनुमन्य और फिटनेस प्रमाणित पेट्रोल, डीजल या सीएनजी वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न हो|
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