Karnataka Lokayukta की छापेमारी में कई अधिकारियों के ठिकानों से आय से अधिक संपत्ति का खुलासा
कर्नाटक। में लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों के संबंध में विभिन्न जिलों के कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत अधिकारियों को निशाना बनाते हुए बंगलूरू, मांड्या, धारवाड़, हासन, मैसूरु, विजयपुरा और यादगीर जैसे जिलों में कई स्थानों पर की गई।
किन पदों के अधिकारियों को बनाया गया निशाना?
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, ये छापे सहायक कार्यकारी अभियंता, जूनियर इंजीनियर, उप विद्युत निरीक्षक और तालुक पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी जैसे पदों पर तैनात अधिकारियों पर केंद्रित थे। इन छापों का उद्देश्य उन सरकारी कर्मचारियों की जांच करना था, जिनकी संपत्ति उनकी घोषित आय से काफी अधिक पाई गई है।
हासन में क्या दृश्य देखने को मिला?
छापेमारी के दौरान हासन नगर निगम के सहायक कार्यकारी अभियंता एम.सी सत्यानारायण के आवास पर काफी नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला। लोकायुक्त अधिकारियों को उनके घर का दरवाजा न खुलने के कारण एक घंटे से अधिक समय तक बाहर इंतजार करना पड़ा। जब सत्यानारायण ने गेट खोलने के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया, तो अधिकारियों ने घर में प्रवेश करने के लिए पहली मंजिल पर चढ़ने का प्रयास किया। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत देता है कि कुछ अधिकारी जांच से बचने का प्रयास कर सकते हैं।
हुबली में भी हुई कार्रवाई
एक अन्य मामले में, अधिकारियों ने कर्नाटक ग्रामीण अवसंरचना विकास निगम के मुख्य अभियंता वसंतप्पा नायक के हुबली स्थित आवास पर भी तलाशी ली। फिलहाल बंगलूरू में कार्यरत नायक को पिछले साल अप्रैल में हुबली से बंगलूरू स्थानांतरित किया गया था। अधिकारियों ने उनके हुबली स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया।
आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई
यह व्यापक तलाशी अभियान आज सुबह जल्दी शुरू हुआ और इसमें लोकायुक्त अधिकारियों की कई टीमों ने भाग लिया। यह कार्रवाई संदिग्धों के आवासों और कार्यालयों पर की गई, जो आय से अधिक संपत्ति रखने की शिकायतों के बाद की गई थी।
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