कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए काबिल नेताओं को मिलेगा मौका, प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा संकेत
भोपाल: मध्यप्रदेश में लंबे समय से जिस निगम मंडी की सूची का बीजेपी में इंतजार है, उसे लेकर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बड़ा इशारा किया है. पत्रकारों से हुई अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने बताया कि सूची कब फाइनल हुई है, कब तक आएगी और किन कार्यकर्ताओँ को इसमें जगह मिल सकती है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने ये भी खुलासा किया है कि आखिर सूची अटकी कहां है.
निगम मंडल की सूची को लेकर खंडेलवाल का बड़ा इशारा
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने होली के बाद गुरुवार को पत्रकारों को अनौपचारिक भेंट के लिए आमंत्रित किया था. जाहिर है सियासी सवाल जवाब भी होने थे और हुए भी. इस दौरान पत्रकारों ने पूछा कि बहुप्रतीक्षित निगम मंडल की सूची कहां अटकी है? इस सवाल के जवाब में खंडेलवाल ने बेहद साफगोई से कहा, ''अपने हिस्से का काम हम पूरा कर चुके हैं. अब केन्द्रीय नेतृत्व की मुहर के बाद जल्दी सूची जारी हो जाएगी.'' खंडेलवाल ने कहा, '' हमारी तरफ से नाम फाइनल किए जा चुके हैं. हमारा पहला प्रयास ये है कि संगठन की सभी नियुक्तियां पहले पूर्ण हो जाएं.'' उन्होंने कहा कि एल्डरमैन की नियुक्तियों के बाद ही निगम मंडल की सूची जारी होगी.
इस महीने कार्यसमिति फिर हर तीन महीने में
खंडेलवाल ने बताया कि नए प्रदेश कारिकारिणी की पहली कार्यसमिति की बैठक अप्रैल में होगी. उन्होंने कहा, '' अप्रैल के बाद हर तीन महिने में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी. निगम मंडल की सूची के साथ ही उन्होंने यह भी इशारा किया कि कांग्रेस से बीजेपी में उम्मीदों का आसमान लिए आए उन नेताओं कार्यकर्ताओं को नवाजने के लिए पार्टी का क्या क्राइटेरिया है.
निगम मंडल में नियुक्ति का ये रहेगा क्राइटेरिया
मध्य प्रदेश प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बताया, '' कांग्रेस से बीजेपी में आए काबिल लोगों को मौका मिलेगा''. उन्होंने ये स्पष्ट किया कि हारे हुए नेताओं, पूर्व मंत्रियों को मौका नहीं मिलेगा. बल्कि युवाओं और काबिल लोगों को ही जगह मिलेगी. यानी तय है कि विधायकों को निगम मंडल में जगह मिल सकती है. अब देखना होगा कि बीजेपी द्वारा निगम मंडल की सूची कब जारी होती है और उसे लेकर पार्टी के अंदर किया प्रतिक्रिया रहती है.
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग