देशभर के हिल स्टेशनों में अव्वल रहा Pachmarhi, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिला सम्मान
भोपाल: मध्य प्रदेश के पचमढ़ी की शिमला या किसी दूसरे हिल स्टेशन से तुलना नहीं होगी, बल्कि पचमढ़ी से देश के दूसरे हिल स्टेशन को आंका जाएगा. दरअसल, मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी ने देशभर के सभी हिल स्टेशन को पछाड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त किया है. जर्मनी के बर्लिन में आईटीबी बर्लिन ट्रैवल मार्ट में प्रदेश के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी को प्रतिष्ठित ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रान्ज सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया है.
पचमढ़ी में बढ़ेगी विदेशी मेहमानों की संख्या
यह सम्मान ग्लोबल सस्टेनेबल टूरिज्म काउंसिल से मान्यता प्राप्त संस्था नीदरलैंड के ग्रीन डेस्टिनेशंस फाउंडेशन द्वारा दिया गया है. जिसके बाद पचमढ़ी अंतराष्ट्रीय गौरव हासिल करने वाला देश का पहला हिल स्टेशन बन गया है. मध्य प्रदेश की तरफ से यह सम्मान उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह ने प्राप्त किया है.
पर्यटन विभाग लगातार छू रहा नई ऊंचाइयां
मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा, "मध्य प्रदेश का पर्यटन विभाग लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है. पचमढ़ी को ये सम्मान मिलने से पता चलता है कि प्रदेश पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को सहेजने की दिशा में बेहतर काम कर रहा है. यह उपलब्धि से पचमढ़ी वैश्विक स्तर पर सस्टेनेबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित होगा और इसके चलते अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी."
ग्रीन डेस्टिनेशंस ब्रान्ज सर्टिफिकेट के लिए फाउंडेशन द्वारा सूक्ष्म मूल्यांकन प्रक्रिया रखी गई है. इसमें देशभर के हिल स्टेशनों का कई मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया. इसमें देखा गया कि डेस्टिनेशन का मैनेजमेंट किस तरह का है. इसके अलावा वहां के प्राकृतिक एवं परिदृष्य, पर्यावरण और जलवायु, संस्कृति एवं परंपरा, सामाजिक कल्याण और व्यापारिक संचार जैसे 6 प्रमुख विषयों पर 75 मापदंड निर्धारित किए गए. इन मापदंडों के आधार पर देशभर के सभी हिल स्टेशनों को आंका गया. इसमें पचमढ़ी ने 10 में से 6.5 का स्कोर हासिल किया.
कुवैत में वित्त मंत्रालय और तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले
हमने पायलट को ईरान से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है, ट्रंप का बड़ा दावा
केरल की सियासत गरमाई, PM मोदी बोले- LDF सरकार की विदाई तय
क्या 2026 में बदलेगी सत्ता? ममता बनर्जी के दावे से सियासी हलचल