बाणगंगा नदी में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत
दौसा। जिले के बाणगंगा नदी में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई। चारों बच्चे मवेशी चराने के लिए नदी किनारे गए थे। बरसाती पानी से भरी नदी में पैर फिसलने से एक बच्ची गहरे गड्ढे में गिर गई। उसे बचाने के लिए दो अन्य बच्चे भी पानी में कूद पड़े, लेकिन तीनों ही डूब गए।
घटना बापी गांव के पास सैंथल थाना क्षेत्र में दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद गड्ढे से तीनों के शव बाहर निकाले और अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी रविन्द्र चौधरी के अनुसार, जसोता गांव निवासी पायल जायसवाल (13) पुत्री मुरारीलाल, श्यामसुंदर (15) पुत्र मुरारीलाल और अमित मीणा (11) पुत्र प्रहलाद मीणा की डूबने से मौत हुई है। पायल और श्यामसुंदर आपस में भाई-बहन थे।
मदद लाने दौड़ी कोमल
जानकारी के अनुसार, पायल, श्यामसुंदर, अमित मीणा और कोमल मीणा मवेशी चराने के लिए नदी किनारे गए थे। इसी दौरान पायल का पैर फिसल गया और वह गहरे गड्ढे में गिर गई। उसे बचाने के लिए उसका भाई श्यामसुंदर भी पानी में कूद गया। दोनों को डूबता देख अमित ने भी उन्हें बचाने के लिए छलांग लगा दी, लेकिन तीनों गहरे पानी में डूब गए। तीनों को डूबता देख कोमल मदद के लिए घर की ओर दौड़ी। जब तक वह परिजनों और ग्रामीणों को लेकर वापस पहुंची, तब तक तीनों नदी में डूब चुके थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
नदी किनारे ही खेत में थे परिजन
ग्रामीणों के अनुसार, अमित के माता-पिता घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर नदी किनारे खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। वहीं पायल और श्यामसुंदर के परिजन मजदूरी करने गए हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर तहसीलदार गजानंद मीणा, थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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