गंगोत्री धाम और हर्षिल घाटी में बर्फबारी शुरू, टिहरी के गंगी गांव में भी सफेद चादर
उत्तरकाशी/टिहरी: उत्तराखंड में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है. जिससे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिली है. जबकि, निचले इलाकों में हल्की बारिश हुई है. केदारनाथ के बाद गंगोत्री, यमुनोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी शुरू हो गई है. उधर, टिहरी के दूरस्थ गंगी गांव में भी बर्फ के फाहे गिर रहे हैं.
उत्तरकाशी जिले में बारिश और बर्फबारी: रविवार देर शाम को गंगोत्री, यमुनोत्री धाम, हर्षिल समेत तमाम ऊंचाई वाले गांवों में बर्फबारी शुरू हो गई है. लंबे समय बाद हुई बारिश और बर्फबारी से फसलों को संजीवनी मिली है. साथ ही वनाग्नि को रोकने में भी यह कारगर साबित होगी. क्योंकि, कई जगहों पर जंगल जल रहे हैं. माना जा रहा है कि इससे वनाग्नि पर लगाम लग पाएगी.
टिहरी के सीमांत गंगी गांव में बर्फबारी: जहां एक तरफ पहाड़ों में गर्मी से तापमान बढ़ गया था तो वहीं दूसरी तरफ अचानक मौसम में परिवर्तन हुआ है. जिससे अचानक बारिश के साथ बर्फबारी शुरू हो गई. टिहरी जिले के सीमांत एवं दूरस्थ गंगी गांव में भी बर्फबारी हो रही है. जिससे मौसम ठंडा और खुशनुमा हो गया है.
केदारनाथ धाम में हुई बर्फबारी: वहीं, बाबा केदार के दर पर भी बर्फबारी हुई है. जिससे धाम में हल्की बर्फ की परत जम गई. साथ ही पारा काफी लुढ़क गया है. कड़ाके की ठंड के बावजूद केदारनाथ धाम की सुरक्षा में पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं. वहीं, बर्फबारी से चारधाम यात्रा की तैयारियां भी प्रभावित हुई है.
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक