ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा, यूएई एयरबेस के पास हुआ ईरानी हमला, पर सभी सुरक्षित
कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण बयान में पुष्टि की कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों की तैनाती वाले एयरबेस के समीप एक ईरानी मिसाइल गिरी है। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी ऑस्ट्रेलियाई सैन्य कर्मी को चोट नहीं आई है और सभी सुरक्षित हैं। प्रधानमंत्री अल्बनीज ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि ईरानी मिसाइल ने दुबई के दक्षिण में स्थित अल मिनहाद एयरबेस की ओर जाने वाले एक मुख्य मार्ग को प्रभावित किया।
बता दें सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में अभी भी लगभग 1,15,000 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक मौजूद हैं, जिनमें से अकेले संयुक्त अरब अमीरात में 24,000 लोग रह रहे हैं। विदेश मामलों और व्यापार विभाग की छह संकट प्रतिक्रिया टीमें लगातार वहां फंसे नागरिकों को वाणिज्य दूतावास सहायता प्रदान कर रही हैं। एयरबेस के पास हुए इस हमले के बाद अब वहां तैनात कर्मियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। मिसाइल गिरने के बाद वहां आग लग गई, जिससे एक आवास ब्लॉक और एक चिकित्सा केंद्र को मामूली नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल वर्ष 2003 से अल मिनहाद एयरबेस का उपयोग अपने संचालनात्मक मुख्यालय के रूप में कर रहा है। वर्ष 2021 में अफगानिस्तान से सैनिकों की वापसी के बाद से यहाँ वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया की एक छोटी सैन्य टुकड़ी तैनात है। प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में ईरानी शासन की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि वे लगातार इस तरह के हमलों में शामिल हैं, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।इससे पहले 5 मार्च को, ऑस्ट्रेलिया ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के मद्देनजर अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए अतिरिक्त सैन्य साधन तैनात किए थे। संसद में संबोधन के दौरान अल्बनीज ने स्पष्ट किया था कि सरकार ने परिवहन विमान और ईंधन भरने वाले विमानों सहित विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि युद्धग्रस्त क्षेत्र में फंसे ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को निकाला जा सके। अब तक लगभग 23 विशेष व्यावसायिक उड़ानों के माध्यम से 3,200 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
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