पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला: 40 से अधिक अफसरों को किया हटाया
West Bengal Chunav: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को उनके पदों से हटा दिया गया और उन्हें चुनाव से जुड़े किसी भी कार्य से दूर कर दिया गया. उनकी जगह दुश्मंता नरिवाला को नया मुख्य सचिव और संगमित्रा घोष को नया गृह सचिव नियुक्त किया गया. इतनी तेजी से शीर्ष स्तर पर बदलाव को राज्य के प्रशासनिक इतिहास में दुर्लभ माना जा रहा है. रविवार से शुरू हुए इस व्यापक फेरबदल के तहत विभिन्न स्तरों पर बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं. इसमें राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP), कानून-व्यवस्था के महानिदेशक, दक्षिण बंगाल के अतिरिक्त महानिदेशक और उत्तर बंगाल के महानिरीक्षक जैसे शीर्ष अधिकारी शामिल हैं. इसके अलावा बैरकपुर, हावड़ा, आसनसोल और चंदननगर सहित सभी प्रमुख शहरों के पुलिस आयुक्तों का भी तबादला कर दिया गया है. बिधाननगर और सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्तों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है, जबकि उनके स्थान पर नियुक्तियों की घोषणा अभी नहीं हुई है. क्षेत्रीय स्तर पर भी असर दिखा है, जहां मुर्शिदाबाद, बर्दवान, प्रेसिडेंसी रेंज, रायगंज और जलपाईगुड़ी के पांच डीआईजी को हटाया गया है. इसके अलावा कूचबिहार, बीरभूम, हुगली ग्रामीण, मुर्शिदाबाद, मालदा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे जिलों के 12 पुलिस अधीक्षकों का तबादला किया गया है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल माझी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी की जीत पर भरोसा जताया. गोगहाट में एक चुनावी रैली से ANI से बातचीत करते हुए टीएमसी नेता ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को रेखांकित किया और कहा कि पार्टी के सांसद भविष्य में भी विकास कार्य जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि पार्टी 270 सीटें जीतकर चौथी बार सरकार बनाएगी. टीएमसी के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल माझी ने कहा, ‘हमने आम जनता के लिए जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के बारे में जानकारी दी है; यह ऑडिटोरियम महिलाओं और आम जनता के लिए है. हमारे सांसदों ने यहां बहुत काम किया है. हम सभी मिलकर काम करेंगे. ममता दीदी के नेतृत्व और अभिषेक बनर्जी के मार्गदर्शन में हमारी जीत तय है; हमें 270 सीटें मिलेंगी और ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी.’
ताबड़तोड़ एक्शन
यह फेरबदल केवल पुलिस महकमे तक सीमित नहीं रहा. कोलकाता पुलिस आयुक्त, 12 जिलाधिकारियों, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त और कोलकाता दक्षिण के जिला निर्वाचन अधिकारी को भी बदला गया है. इससे साफ है कि चुनाव आयोग ने प्रशासन के लगभग हर अहम स्तर पर हस्तक्षेप किया है. इसी के साथ 15 आईपीएस अधिकारियों को अन्य राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. इनमें आलोक राजोरिया, आकाश मघरिया, अमनदीप, अभिजीत बनर्जी, भास्कर मुखर्जी, सी सुधाकर, धृतिमान सरकार, इंदिरा मुखर्जी, मुरलीधर, मुकेश, प्रवीण कुमार त्रिपाठी, प्रियब्रत रॉय, संदीप कर्रा, राशिद मुनीर खान और सैयद वकार रजा शामिल हैं. कुछ आईएएस अधिकारियों को भी इसी तरह की जिम्मेदारियां दी गई हैं. इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तीखी रही हैं. बीजेपी ने चुनाव आयोग के कदम का समर्थन करते हुए कहा कि यह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी था. पार्टी नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य की प्रशासनिक मशीनरी राजनीतिक रूप से प्रभावित हो चुकी थी, इसलिए ऐसे कदम जरूरी थे.
Amit Shah का बड़ा बयान: “दीदी को हटाने का समय आ गया”
Tej Pratap Yadav के बयान से मची हलचल, बोले- कभी भी टूट सकती है Rashtriya Janata Dal
DRDO का बड़ा कदम: AI सैटेलाइट ‘प्रज्ञा’ से मजबूत होगी देश की सुरक्षा
मैथ्यू हेडन का कड़ा रुख: 99 रन की हार को बताया 'अस्वीकार्य', बल्लेबाजों की मानसिकता पर उठाए सवाल।
क्रिकेट में अंडरवर्ल्ड की एंट्री: टी20 वर्ल्ड कप में कनाडा की टीम पर फिक्सिंग का आरोप, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आया सामने।
गुजरात में 2500 करोड़ का साइबर घोटाला, बैंक अधिकारी समेत 20 गिरफ्तार
11 साल के मासूम की निर्मम हत्या, नीले ड्रम में मिला शव
भोपाल में लेंसकार्ट विवाद गरमाया, ड्रेस कोड के विरोध में तिलक-कलावा कार्यक्रम
टीकमगढ़ में बड़ा हादसा: सागर रोड पर पलटी बस, 15 यात्री घायल