अस्पताल बना शूटिंग स्पॉट, बिना अनुमति प्री-वेडिंग शूट से मचा हड़कंप
कोटा। संभाग का सबसे बड़ा एमबीएस अस्पताल एक बार फिर चर्चाओं में है। अस्पताल परिसर में बनी नई बिल्डिंग के बाहर एक कपल द्वारा प्री-वेडिंग शूट किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह प्री-वेडिंग शूट किसी आम व्यक्ति का नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के एक पुलिस अधिकारी और एक महिला डॉक्टर का बताया जा रहा है। इस शूट के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि यह वीडियो 15 मार्च का है, जिसमें एक कपल प्री-वेडिंग शूट करता दिखाई दे रहा है। हालांकि जानकारी मिलते ही शूटिंग को तुरंत रुकवा दिया गया था लेकिन वीडियो अब सामने आया है। स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार यह शूट अस्पताल परिसर में बनी नई बिल्डिंग के बाहर किया गया था। जांच में सामने आया कि युवक की वर्दी पर मध्यप्रदेश पुलिस का बैज लगा हुआ था। युवक के साथ युवती और एक कैमरा टीम भी मौजूद थी, जिसने पूरी शूटिंग की। पूछताछ में युवक ने खुद को मध्यप्रदेश पुलिस में अधिकारी बताया, जबकि युवती उसकी मंगेतर है और डॉक्टर है। युवती ने जबलपुर से एमबीबीएस किया है और दोनों की शादी होने वाली है। इसी कारण वे प्री-वेडिंग शूट के लिए कोटा एमबीएस अस्पताल पहुंचे थे। अधीक्षक ने बताया कि इस शूट के लिए अस्पताल प्रशासन से किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अनुमति मांगी भी जाती इसे अस्वीकार कर दिया जाता क्योंकि अस्पताल परिसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए है, न कि शूटिंग के लिए।
हैरिटेज लुक के कारण आकर्षण का केंद्र
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि एमबीएस अस्पताल की बिल्डिंग का पुराना और हैरिटेज लुक लोगों को आकर्षित करता है। अक्सर लोग यहां रुककर फोटो और सेल्फी लेते हैं लेकिन अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की शूटिंग की अनुमति नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कोटा में चंबल रिवर फ्रंट, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व और सिटी पार्क जैसी कई लोकेशन मौजूद हैं, जहां प्री-वेडिंग शूट किया जा सकता है लेकिन अस्पताल परिसर का इस तरह उपयोग करना नियमों के खिलाफ है।
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन