गर्भवती महिला कर्मचारी को वर्क फ्रॉम होम देने से कंपनी ने किया इनकार
वाशिंगटन। एक कंपनी को अपनी गर्भवती कर्मचारी के साथ लापरवाही बरतने के मामले में भारी कीमत चुकानी पड़ी। अमेरिका में कोर्ट ने कंपनी को करीब 22.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 200 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह मामला चेल्सी वॉल्श नाम की महिला से जुड़ा है, जो टोटल क्वालिटी लॉजिस्टिक्स में काम करती थीं। चेल्सी की प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने को कहा था। उन्होंने कंपनी से वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी, लेकिन कंपनी ने इनकार कर दिया और कहा कि या तो वह ऑफिस आकर काम करें या बिना वेतन की छुट्टी लें।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिना वेतन छुट्टी लेने का मतलब था उनकी आय और हेल्थ इंश्योरेंस खत्म होना, इसलिए मजबूरी में उन्होंने ऑफिस जाकर काम जारी रखा। कुछ ही दिनों बाद उन्हें समय से पहले प्रसव पीड़ा हुई और उन्होंने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन जन्म के कुछ घंटों बाद ही बच्ची की मौत हो गई। यह प्रीमैच्योर डिलीवरी थी, जो तय समय से करीब 18 हफ्ते पहले हो गई थी। इसके बाद चेल्सी ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया और उसे इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार ठहराया। कोर्ट की जूरी ने महिला के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कंपनी को दोषी माना और भारी जुर्माना लगाया। यह फैसला कर्मचारियों के अधिकारों, खासकर गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर एक अहम मिसाल माना जा रहा है।
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