10 साल के Ayush ने मलखंभ में रचा इतिहास
सरगुजा|सरगुजा जिले में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल्स गेम्स में जनजातीय समाज के युवा खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, लेकिन इन सबके बीच मध्यप्रदेश के झाबूआ के 10 साल के मासूम खिलाड़ी आयुष जो 3rd क्लास में पढ़ाई करता है. ऐसे में पहली बार राष्ट्रीय स्तर के गेम्स में शिरकत किया, और मलखंभ जैसे कठिन खेल में सीमित संसाधनों के बावजूद खेलो इंडिया ट्राइबल्स गेम्स में लोगों को प्रभावित किया है|
10 साल की उम्र में आयुष ने मलखंभ में रचा इतिहास
अगर आपके भीतर प्रतिभा है और संसाधन कि कमी भी है. तो आपकी मेहनत आपकी कौशल को अवसार में बदल देता है. ऐसा ही कर दिखाया 10 साल के आयुष ने जो मलखम्भ में बड़े-बड़े खिलाड़ियों के बीच अपने योग और जिम्नास्टिक का परिचय देकर प्रभावित किया है. और आगे आयुष पुलिस बनना चाहता है|
कैसे शुरू हुआ आयुष का सफर?
आयुष ने बताया कि उसने मलखंभ की शुरुआत अपने स्कूल से ही की, स्कूल की टीचर अंजली मैम ने उसे इस खेल के लिए प्रेरित किया और ट्रेनिंग दी. वह किसी बाहरी कोचिंग के बजाय स्कूल में ही नियमित अभ्यास करता है. यह आयुष का पहला मौका है जब वह नेशनल स्तर पर खेल रहा है, अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में वह पूरे आत्मविश्वास के साथ अपना प्रदर्शन कर रहा है|
आयुष के पिता और माता दोनों ही हॉस्टल में वार्डन के रूप में काम करते हैं और बच्चों की देखरेख करते हैं, परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने अपने बेटे को आगे बढ़ने के लिए पूरा समर्थन दिया है|
पुलिस बनने का है सपना
छोटी सी उम्र में ही आयुष के बड़े सपने हैं, वह आगे चलकर पुलिस में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता है और खेल के साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहा है,आयुष की कहानी यह बताती है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती. सही मार्गदर्शन और मेहनत के दम पर छोटे शहर और गांवों से भी बच्चे राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजन ऐसे ही प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का मंच दे रहे हैं|
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