इजरायल-अमेरिका के बीच बड़ा रक्षा सौदा, लड़ाकू विमान खरीदेगा इजरायल
तेल अवीव: इजरायल ने अपनी हवाई शक्ति को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालने के लिए अमेरिका के साथ एक बेहद महत्वाकांक्षी और बहु-अरब डॉलर के रक्षा समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। रक्षा मंत्रालय की मंत्रिस्तरीय खरीद समिति से मंजूरी मिलने के बाद अब इजरायली वायुसेना के बेड़े में अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों के दो नए स्क्वाड्रन शामिल किए जाएंगे। यह विशाल रक्षा सौदा लॉकहीड मार्टिन और बोइंग जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ किया गया है, जिसके लिए लगभग 119 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम फंड निर्धारित हुआ है। इस रणनीतिक निवेश का प्राथमिक लक्ष्य न केवल वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को संभालना है, बल्कि आने वाले दशकों में भी इजरायल की सैन्य श्रेष्ठता को अटूट बनाए रखना है।
वायुसेना की मारक क्षमता में विस्तार
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत इजरायल अपनी हवाई ताकत को दोगुना करने की दिशा में बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह लॉकहीड मार्टिन से एफ-35 लड़ाकू विमानों का चौथा स्क्वाड्रन प्राप्त करेगा, जो अपनी स्टेल्थ तकनीक के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसके साथ ही बोइंग कंपनी से एफ-15आईए विमानों का दूसरा स्क्वाड्रन भी खरीदा जाएगा, जो अपनी मारक क्षमता और आधुनिक एवियोनिक्स के लिए जाना जाता है। पिछले वर्ष के अंत में बोइंग के साथ शुरू हुई इस प्रक्रिया में अब और तेजी आएगी, जिससे इजरायली सेना की रणनीतिक पहुंच और भी घातक हो जाएगी।
दूरदर्शी रक्षा नीति और रणनीतिक लक्ष्य
रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक अमीर बरम ने इस सौदे की आवश्यकता को वर्तमान और भविष्य के बीच के सेतु के रूप में परिभाषित किया है। उनका मानना है कि युद्ध के समय की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यह भी अनिवार्य है कि अगले दस वर्षों के लिए सैन्य बढ़त की नींव आज ही रखी जाए। हालिया क्षेत्रीय संघर्षों और ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने यह साफ कर दिया है कि आधुनिक युद्धक्षेत्र में वायु शक्ति और मजबूत रणनीतिक साझेदारी ही किसी भी राष्ट्र की सुरक्षा की असली गारंटी है। यह कदम इजरायल को पड़ोसी देशों और संभावित शत्रुओं के मुकाबले एक सुरक्षित रक्षा कवच प्रदान करने की दूरगामी योजना का हिस्सा है।
उन्नत तकनीक से सुरक्षित होता भविष्य
इस रक्षा सौदे के केंद्र में अत्याधुनिक तकनीक का समावेश है, जो इजरायली रक्षा बलों को किसी भी तरह की इलेक्ट्रॉनिक या हवाई बाधा को पार करने में सक्षम बनाएगा। एफ-15आईए और एफ-35 जैसे विमानों का मिश्रण इजरायल को एक ऐसा संतुलन प्रदान करता है, जहां वह एक ओर अदृश्य रहकर हमला कर सकता है और दूसरी ओर भारी पेलोड के साथ दुश्मन के ठिकानों को नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखता है। अरबों डॉलर का यह निवेश केवल विमानों की खरीद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इजरायल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसमें वह अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए विश्व की सबसे उन्नत सैन्य तकनीक को अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
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