सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव जारी, कमजोर ग्लोबल संकेतों से बाजार लुढ़का
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन मंदी का माहौल
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है और मंगलवार को भी प्रमुख सूचकांकों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। शुरुआती सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 525.44 अंकों की कमजोरी के साथ 75,489.84 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 पर पहुंच गया। सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को भी निवेशकों में घबराहट का माहौल बना रहा, जिसका सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा, जहाँ इंफोसिस और एशियन पेंट्स जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल में उछाल ने बिगाड़ा गणित
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में गहराता युद्ध का संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मुख्य वजह मानी जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 105.2 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ गया है और रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.63 पर आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करने और युद्धविराम की उम्मीदें धूमिल होने के बयानों ने वैश्विक निवेशकों के भरोसे को चोट पहुंचाई है, जिसके चलते विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से भारी मात्रा में अपनी पूंजी निकालनी शुरू कर दी है।
सेक्टरवार नुकसान और अंतरराष्ट्रीय बाजारों का मिला-जुला रुख
बाजार की इस उठापटक में तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है, जिनमें टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, इस भारी बिकवाली के बीच भारती एयरटेल और एनटीपीसी जैसे शेयरों ने मजबूती दिखाते हुए निवेशकों को कुछ राहत दी। वैश्विक स्तर पर एशियाई बाजारों में स्थिति मिली-जुली रही, जहाँ एक ओर चीन और दक्षिण कोरिया के बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, वहीं जापान और हांगकांग के बाजारों में मामूली बढ़त देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक खाड़ी देशों में संघर्ष की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
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