30 साल पुराने विवाद का खूनी अंजाम, रमेश ईनाणी हत्याकांड का मुख्य आरोपी पकड़ा गया
चित्तौड़गढ़: जिला पुलिस ने एक साल से फरार चल रहे बेहद चर्चित रमेश ईनाणी हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार रमताराम को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। भाजपा नेता और कूरियर व्यवसायी ईनाणी की पिछले साल 11 नवंबर को सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने आरोपी को दो नदियों के संगम पर स्थित एक मंदिर परिसर से घेराबंदी कर दबोचा है।
30 साल पुरानी रंजिश का खूनी अंत
पुलिस की गहन जांच में खुलासा हुआ है कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की जड़ें 30 साल पुराने एक संपत्ति विवाद में छिपी थीं। आरोपी रमताराम और रमेश ईनाणी के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी। इसी दुश्मनी के चलते रमताराम ने ईनाणी को रास्ते से हटाने के लिए पेशेवर शूटरों को किराए पर लिया और पूरी साजिश को अंजाम दिया।
50 हजार का इनामी था आरोपी, कई राज्यों में बदली फरारी
हत्याकांड के बाद आरोपी रमताराम पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों पर छिपता रहा। उसकी गिरफ्तारी की अहमियत को देखते हुए उदयपुर रेंज आईजी ने उन पर इनाम की राशि को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था। पुलिस की विशेष टीमों ने लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना पर उसे अंततः गिरफ्तार कर ही लिया।
तीन मददगार पहले ही जा चुके हैं सलाखों के पीछे
इस मामले में पुलिस की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य शूटर मनीष कुमार दुबे सहित तीन अन्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। इसमें हथियार सप्लाई करने वाला अरविंद दुबे और साजिश में शामिल भजनराम भी शामिल हैं। अब मुख्य मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी से पुलिस इस मामले की अंतिम कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
5 दिन की रिमांड पर मुख्य आरोपी, मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा
गिरफ्तारी के बाद रमताराम को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों ने आर्थिक सहायता और शरण दी। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मदद करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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