साढ़े चार माह की मासूम को पिता ने जमीन पर पटककर मार डाला
इटावा: कलयुगी पिता की हैवानियत, साढ़े चार महीने की मासूम को जमीन पर पटक कर मार डाला
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ बिहारीपुरा गांव में एक शराबी पिता ने अपनी ही साढ़े चार माह की मासूम बेटी की जान ले ली। नशे में धुत पिता ने अपनी पत्नी की गोद से बच्ची को छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
शराब के नशे में शुरू किया विवाद जानकारी के अनुसार, आरोपी नारायन सोमवार देर रात नशे की हालत में घर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब उसकी पत्नी मोहनी ने विरोध किया, तो उसने पहले अपने 3 साल के बेटे शिवांश की पिटाई की और फिर गोद में खेल रही नन्हीं दिव्यांशी को बेरहमी से जमीन पर दे मारा। खून से लथपथ बच्ची को लेकर बदहवास मां सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दुखों से भरा है मां का जीवन मृतका मोहनी की जिंदगी पहले ही काफी संघर्षपूर्ण रही है। दो साल पहले एक ट्रेन हादसे में उसके पहले पति सतीश की मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार ने उसकी शादी देवर नारायन से करा दी थी। ग्रामीणों के मुताबिक, नारायन अक्सर शराब पीकर मारपीट करता था, जिससे तंग आकर मोहनी मायके चली गई थी। वह महज 15 दिन पहले ही ससुराल लौटी थी।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस घटना के बाद मंगलवार को जब मोहनी बच्ची का शव लेकर अपने मायके नेवरपुर पहुंची, तब पुलिस को मामले की सूचना मिली। थानाध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि बच्ची के सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसकी जान गई है। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग