सुशासन तिहार बना ग्रामीण महिलाओं की नई ताकत
रायपुर : सुशासन तिहार 2026 अब केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के सपनों, हुनर और आत्मनिर्भरता को नई पहचान देने वाला अभियान बनता जा रहा है। रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम हाटी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में इसका जीवंत स्वरूप देखने को मिला, जहां महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे।
शिविर में गांव की महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार पारंपरिक और घरेलू उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। आम और नींबू के अचार की खुशबू, पापड़-बड़ी का पारंपरिक स्वाद और सवाई घास व बांस से तैयार हस्तशिल्प उत्पादों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने न केवल इन उत्पादों की सराहना की, बल्कि जमकर खरीदारी कर महिलाओं का उत्साह भी बढ़ाया।
स्टॉलों पर दिनभर खरीदारों की भीड़ लगी रही। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की लगभग 8 से 10 हजार रुपये तक की बिक्री हुई। कई लोगों ने उत्पादों की गुणवत्ता और उपयोगिता से प्रभावित होकर आगे के लिए ऑर्डर भी दिए। इससे महिला समूहों में नया आत्मविश्वास देखने को मिला।
ग्राम बोकरामुड़ा की एकता स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित मोमबत्तियां लोगों को खूब पसंद आईं, वहीं ग्राम सिथरा की बुलबुल समूह की सुराही ने ग्रामीण हस्तकला की सुंदर झलक प्रस्तुत की। कुड़ेकेला की जय अंबे स्व-सहायता समूह द्वारा तैयार अचार, पापड़ और बड़ी की मांग सबसे अधिक रही। ग्राम हाटी की ज्योति स्व-सहायता समूह की झाड़ू और निश्चय प्रेरणा समूह की सवाई घास एवं बांस से बनी टोकरियां और सूपा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।
स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल से तैयार इन उत्पादों ने “वोकल फॉर लोकल” की भावना को मजबूत किया। महिलाओं का कहना है कि ऐसे शिविर उन्हें केवल बाजार ही नहीं देते, बल्कि उनके हुनर को पहचान और सम्मान भी दिलाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी भूमिका निभा रहा है। ग्राम हाटी का यह शिविर इस बात का उदाहरण बन गया कि यदि अवसर और मंच मिले, तो गांव की महिलाएं अपने हुनर से नई सफलता की कहानी लिख सकती हैं।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
RPSC स्कूल लेक्चरर भर्ती 2022 पर सवाल, फाइनल आंसर-की में बदलाव के आरोप
राजस्थान में छात्रों का आंदोलन तेज, धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब इस मंत्री के इस्तीफे की मांग