टंकी के बालाजी मुक्तिधाम के संरक्षक बाबूलाल जाजू एवं सचिव नवनीत सोमानी ने बताया कि समाजसेवी एवं समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण लड्ढा के सहयोग से 5 लाख रुपये की लागत से सुधारित लकड़ी आधारित शवदाह भट्टी (अंत्येष्टि यंत्र) स्थापित की गई। इस अत्याधुनिक अंत्येष्टि यंत्र के माध्यम से दाह संस्कार के लिए आवश्यक लकड़ी में लगभग 75 प्रतिशत तक की बचत होगी। जहां सामान्यतः दाह संस्कार में लगभग 400 किलोग्राम लकड़ी की आवश्यकता होती है, वहीं इस तकनीक के उपयोग से मात्र 100 किलोग्राम लकड़ी में ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न हो सकेगी। यह आधुनिक अंत्येष्टि यंत्र पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और संस्कारों को बनाए रखते हुए लकड़ी की बचत करता है। इससे मुक्तिधाम में आने वाले परिवारों को भी सुविधा होगी तथा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बन सकेगी।

इस अवसर पर मुक्तिधाम समिति के अध्यक्ष बनवारीलाल मुरारका, कोषाध्यक्ष राकेश दरक, उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया, धर्मराज खंडेलवाल, दीपक मेलाना, प्रदीप चौधरी मौजूद रहे। मुक्तिधाम व्यवस्था प्रभारी सुरेश कचोलिया, मनोहर अजमेरा, उमाशंकर शर्मा ने अंत्येष्टि यंत्र के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी ली। समिति के मुरारका, जाजू और सोमानी सहित कार्यकारिणी सदस्यों ने नारायण लाल लड्ढा का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मुक्तिधाम में और भी विकास कार्य किए जा रहे है।