जैसलमेर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: अलकनंदा में समाई तेज रफ्तार इनोवा, 4 शव बरामद; सर्च ऑपरेशन जारी
बालोतरा | उत्तराखंड के पहाड़ी और खूबसूरत रास्तों पर सैर-सपाटे के लिए निकले राजस्थान के जैसलमेर के एक परिवार की यात्रा अचानक एक बेहद दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गई। यहां देवप्रयाग के पास एक अनियंत्रित कार लगभग दो सौ फीट गहरी खाई में गिरते हुए सीधे उफनती अलकनंदा नदी में जा समाई। इस खौफनाक सड़क हादसे में जैसलमेर के मशहूर चिकित्सक डॉ. दिनेश माली, उनकी पूजनीय माता कमला देवी और गाड़ी के ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद से परिवार के चार अन्य सदस्य पानी के तेज बहाव में लापता हैं, जबकि एक मासूम बच्चे को रेस्क्यू टीम ने चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बचा लिया है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
धार्मिक यात्रा के बाद पहाड़ों की ओर बढ़ रहा था परिवार, कार से हटा ड्राइवर का नियंत्रण
मूल रूप से जैसलमेर शहर के दरियानाथ बावड़ी इलाके का रहने वाला यह माली परिवार कुछ दिन पहले ही ट्रेन के जरिए देवभूमि उत्तराखंड के भ्रमण पर आया था। परिवार ने सबसे पहले हरिद्वार पहुंचकर गंगा स्नान और प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इसके बाद आगे की पहाड़ी वादियों को देखने के लिए डॉ. दिनेश माली अपनी मां, बहन और भांजे-भांजियों के साथ एक किराए की कार में सवार होकर देवप्रयाग की तरफ रवाना हुए थे। गाड़ी में कुल आठ लोग सवार थे, लेकिन जैसे ही कार पहाड़ी घुमावदार रास्ते पर पहुंची, अचानक चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और कार पलक झपकते ही गहरी खाई को चीरते हुए अलकनंदा नदी में विलीन हो गई।
अलकनंदा के तेज बहाव के बीच एसडीआरएफ का सर्च ऑपरेशन, तीन शव बरामद
भयानक एक्सीडेंट की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और बाढ़ राहत दल की टीमें तुरंत साजो-सामान के साथ मौके पर पहुंच गईं। हालांकि, रास्ता बेहद दुर्गम होने और अलकनंदा नदी का जलस्तर तथा बहाव काफी तेज होने के कारण गोताखोरों को शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भारी मशक्कत के बाद बचाव दल ने नदी से तीन शवों को बाहर निकाल लिया है, जबकि लापता लोगों की तलाश में नदी के कई किलोमीटर के दायरे में एक सघन खोज अभियान चलाया जा रहा है। हादसे के बाद से डॉ. दिनेश की बहन गुड्डी देवी और उनकी तीन भांजियां—नर्मदा, जानवी और अश्लेषा का देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल पाया था।
मासूम आयुष्मान की बची जान, हरिद्वार में रुकने के कारण सुरक्षित बचे मुखिया लूणाराम
इस भीषण तबाही के बीच माली परिवार के लिए एकमात्र तसल्ली की बात यह रही कि गुड्डी देवी के बेटे आयुष्मान को रेस्क्यू टीम ने समय रहते नदी की लहरों से जिंदा बाहर निकाल लिया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। इस यात्रा में परिवार के मुखिया लूणाराम भी साथ आए थे, लेकिन वे स्वास्थ्य या अन्य कारणों से हरिद्वार में ही रुक गए थे और डॉ. दिनेश बाकी लोगों को लेकर आगे बढ़ गए थे, जिससे लूणाराम इस हादसे का शिकार होने से बच गए। घटना की दिल दहला देने वाली खबर मिलते ही जैसलमेर से अन्य परिजन और रिश्तेदार उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं और वहां प्रशासन लापता लोगों की तलाश में लगातार जुटा हुआ है।
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