एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स का एक्शन: जैसलमेर में माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराई 100 करोड़ की बेशकीमती जमीन
जैसलमेर | शहरी क्षेत्र के तेजी से विकसित हो रहे बाईपास इलाके में नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने अवैध कब्जों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। एक वृहद संयुक्त प्रशासनिक मुहिम के अंतर्गत लगभग 300 बीघा बेशकीमती सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। प्रशासनिक आकलन के अनुसार, इस खाली कराई गई जमीन का वर्तमान बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से भी अधिक आंका जा रहा है। इस सख्त कदम को सरकारी संपत्तियों पर कुदृष्टि रखने वाले तत्वों के लिए एक कड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है।
बाईपास निर्माण से बढ़ा भूमि का मूल्य और अवैध निर्माण
दरअसल, बाड़मेर मार्ग को हवाई अड्डा सर्किल से जोड़ने वाले नवनिर्मित बाईपास के आसपास स्थित खसरा संख्या 678 और 679 की जमीनों का व्यावसायिक महत्व हाल के दिनों में कई गुना बढ़ गया है। इसी का अनुचित लाभ उठाने के लिए कुछ तत्वों ने इस सरकारी भूभाग पर कच्चे-पक्के ढांचे, चारदीवारी और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर कब्जा करना शुरू कर दिया था। न्यास को लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें प्राप्त हो रही थीं, जिसके बाद राजस्व रिकॉर्ड का सूक्ष्मता से मिलान कर इस पूरी कार्रवाई का खाका तैयार किया गया। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता, तो भविष्य में इन जमीनों को मुक्त कराना और जटिल हो जाता।
विवाद सुलझाने का प्रयास और सुरक्षा बलों की तैनाती
कार्रवाई को अमलीजामा पहनाने से पूर्व यूआईटी प्रशासन द्वारा संबंधित अतिक्रमणकारियों को वैधानिक नोटिस जारी कर स्वेच्छा से जगह खाली करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए गए थे। समझाइश के तमाम प्रयास विफल रहने और दी गई समय-सीमा समाप्त होने के बाद ही पुलिस बल, राजस्व विभाग और तकनीकी टीम की संयुक्त मौजूदगी में शुक्रवार तड़के बुलडोजर अभियान शुरू किया गया। किसी भी संभावित विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए घटना स्थल पर भारी पुलिस पहरा तैनात रहा। इस दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जिन पक्के मकानों में परिवार निवास कर रहे थे, उन्हें अपना सामान हटाने के लिए दो दिन की अतिरिक्त मोहलत दी गई है।
सघन निगरानी और निवेशकों के लिए प्रशासनिक सतर्कता
इस बड़ी सफलता के बाद नगर विकास न्यास ने स्पष्ट किया है कि शहर और उसके सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित अन्य सभी सरकारी भूमियों की भी उपग्रह और धरातलीय स्तर पर निगरानी की जा रही है। भविष्य में भी जहां कहीं अनधिकृत निर्माण मिलेंगे, उन्हें ध्वस्त किया जाएगा। इसके साथ ही न्यास ने आम जनता और निवेशकों के लिए एक आवश्यक परामर्श जारी करते हुए सचेत किया है कि वे किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसके मालिकाना हक और राजस्व दस्तावेजों की भली-भांति पुष्टि कर लें, ताकि बिना सत्यापन के पूंजी निवेश करने के बाद उन्हें किसी भी प्रकार की विधिक कार्रवाई या आर्थिक नुकसान का सामना न करना पड़े।
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