खींवसर विधायक पर हमला: रेवंतराम डांगा की गाड़ी को टक्कर मार भाग रहे हमलावरों को समर्थकों ने खदेड़ा, 3 हिरासत में
नागौर | राजस्थान के नागौर क्षेत्र में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के प्रभाव वाले इलाके में भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय विधायक रेवंतराम डांगा के काफिले पर जानलेवा हमला होने का मामला प्रकाश में आया है। जयपुर-नागौर राजमार्ग पर स्थित गोविंदी टोल प्लाजा के पास एक बिना नंबर प्लेट की कैम्पर गाड़ी ने विधायक की फॉर्च्यूनर कार को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हमलावरों ने इसके बाद सुरक्षा में चल रहे अन्य वाहनों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया, जिससे पूरे क्षेत्र में राजनीतिक गरमाहट बढ़ गई है।
टोल नाके पर वारदात और फिल्मी अंदाज में पीछा
यह घटना उस समय घटित हुई जब खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा का काफिला टोल नाके को पार कर रहा था। टक्कर मारने के बाद जब हमलावर वाहन सहित भागने लगे, तो विधायक और उनके साथ मौजूद समर्थकों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लगभग 25 किलोमीटर तक पीछा करने के साथ ही इस घटना की जानकारी डीडवाना-कुचामन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी गई। सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन ने तुरंत चारों तरफ नाकाबंदी प्रभावी कर दी, जिसके चलते नांवा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए संदिग्ध वाहन सहित तीन आरोपियों को अपनी कस्टडी में ले लिया।
सोची-समझी साजिश और राजनीतिक रंजिश का आरोप
हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बीच विधायक रेवंतराम डांगा ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने विरुद्ध एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने आशंका जताई है कि कुछ युवाओं को राजनीतिक द्वेष के चलते उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। डांगा ने पूर्व की एक घटना का स्मरण कराते हुए कहा कि कुछ समय पहले इसी क्षेत्र में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले को भी निशाना बनाया गया था। चूंकि रेवंतराम डांगा ने हालिया चुनाव में हनुमान बेनीवाल की पत्नी को पराजित कर इस पारंपरिक गढ़ पर विजय प्राप्त की थी, इसलिए इस हमले को सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
पुलिसिया कार्रवाई और मुख्य साजिशकर्ताओं की तलाश
नांवा थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए तीनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस हमले के पीछे वास्तविक सूत्रधार कौन है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि हमलावरों का उद्देश्य केवल डराना था या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। फिलहाल, क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त एहतियात बरती जा रही है।
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