बारिश बनेगी कहानी का हिस्सा, 'तुम्बाड 2' की टीम पहुंची खास लोकेशनों पर
साल 2018 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'तुम्बाड' ने अपनी अनोखी कहानी, डरावने विजुअल्स और रहस्यमयी बैकग्राउंड से दर्शकों और समीक्षकों का दिल जीत लिया था। बॉक्स ऑफिस पर भी इस फिल्म ने शानदार सफलता के झंडे गाड़े थे। इस फिल्म की सबसे बड़ी यूनीक बात इसका लगातार होने वाली बारिश, कीचड़ और सीलन भरा डरावना माहौल था। अब इस सुपरहिट फिल्म के मेकर्स इसके दूसरे भाग 'तुम्बाड 2' में भी वही जादू और असलियत दोबारा पर्दे पर उतारने की कड़क तैयारियों में जुट गए हैं। फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने पहले पार्ट की तर्ज पर ही इस बार भी प्राकृतिक माहौल को बनाए रखने के लिए अपनी कमर कस ली है।
नकली पानी की बौछारों को नकारा, असली मानसून का पीछा कर रही टीम
इंडस्ट्री के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, 'तुम्बाड' के पहले भाग को उसकी खास डार्क और बरसाती थीम देने के लिए निर्माताओं ने चार अलग-अलग साल के मानसून का इंतजार किया था और कई वर्षों में शूटिंग पूरी की थी। 'तुम्बाड 2' के लिए मेकर्स ने किसी भी तरह के आर्टिफिशियल रेन सेटअप (नकली बारिश) का इस्तेमाल करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।
इसके पीछे दो मुख्य वजहें हैं; पहली यह कि मेकर्स फिल्म की वास्तविकता और मौलिकता से कोई समझौता नहीं करना चाहते। दूसरी वजह बेहद सराहनीय है— टीम ने उन इलाकों में पानी के संकट और किल्लत को देखते हुए पानी की बर्बादी रोकने के लिए एक जिम्मेदार रवैया अपनाया है। यही कारण है कि प्रोडक्शन टीम अब रियल टाइम में मौसम विभाग के इनपुट्स पर नजर रख रही है और देश के उन हिस्सों का रुख कर रही है जहां इस वक्त सबसे भारी प्राकृतिक बारिश हो रही है।
चुनौतीपूर्ण रास्तों को पार कर सुदूर इलाकों में पहुंचे कलाकार और क्रू
फिल्म से जुड़े सूत्रों ने खुलासा किया है कि 'तुम्बाड' की रहस्यमयी दुनिया को दोबारा जीवंत करने के लिए फिल्म की खोजबीन (रेकी) टीम महाराष्ट्र के बेहद दूर-दराज और घने जंगलों वाले सुदूर इलाकों में डेरा डाले हुए है। इन लोकेशनों तक पहुंचना अपने आप में किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। भारी बारिश के बीच फिल्म के कलाकारों और क्रू मेंबर्स को मुख्य सड़क से सेट तक पहुंचने के लिए घने जंगलों, कीचड़ और कटीले रास्तों से होकर रोजाना करीब दो से तीन घंटे तक पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
फिल्म में सिर्फ बैकग्राउंड नहीं, बल्कि एक अहम किरदार है 'बारिश'
प्रकृति और बारिश को हूबहू कैमरे में कैद करने की यह जिद दर्शाती है कि फिल्म निर्माता 'तुम्बाड 2' में मानसून को सिर्फ एक विजुअल इफेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि कहानी के एक जीवंत हिस्से के तौर पर पेश करना चाहते हैं। फिल्म से जुड़े एक अंदरूनी सूत्र ने बताया, "जहां 'तुम्बाड' चार अलग-अलग मानसून में कई साल लगाकर शूट होने के लिए जानी गई थी, वहीं 'तुम्बाड 2' के लिए हमारी पूरी टीम खुद मानसून की रफ्तार का पीछा कर रही है। इस फिल्म की दुनिया में बारिश सिर्फ मौसम नहीं है, बल्कि वह खुद एक मुख्य किरदार की तरह चलती है, और मेकर्स इसे पूरी सच्चाई के साथ दर्शकों के सामने लाना चाहते हैं।"
सोहम शाह और पेन स्टूडियोज की साझेदारी, जानिए कब होगी रिलीज
'तुम्बाड 2' का निर्माण एक बार फिर मुख्य अभिनेता और निर्माता सोहम शाह अपनी घरेलू प्रोडक्शन कंपनी 'सोहम शाह फिल्म्स' के बैनर तले कर रहे हैं। इस बार फिल्म की भव्यता को और बड़े स्तर पर ले जाने के लिए इंडस्ट्री के दिग्गज निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा के नेतृत्व वाला प्रतिष्ठित 'पेन स्टूडियोज' भी मुख्य साझेदार के रूप में इस प्रोजेक्ट से जुड़ गया है। सिनेमाप्रेमियों के लिए रिलीज डेट का एलान करते हुए मेकर्स ने बताया है कि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 23 दिसंबर 2027 को बड़े पर्दे पर दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
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