प्रसूता की मौत से भड़का गुस्सा, पीबीएम अस्पताल में मोर्चरी के बाहर बवाल
राजस्थान: बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में प्रसूता शारदा नायक की मृत्यु के बाद उपजा विवाद मंगलवार को उस समय बेहद गंभीर हो गया, जब मृतका के पति ने मोर्चरी के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। पति ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे वहाँ उपस्थित लोगों और पुलिस बल में हड़कंप मच गया। हालांकि, आस-पास मौजूद सजग नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए युवक के हाथ से पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे एक बड़ी अनहोनी होने से बच गई।
जानकारी के मुताबिक, प्रसूता की मौत के बाद से ही परिवार के लोग न्याय और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। इस तनाव के बीच, मोर्चरी के बाहर खड़े मृतका के पति मुकेश नायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन और पुलिस बल मिलकर उस पर शव के पोस्टमार्टम के लिए दबाव बना रहे हैं।
पुलिस पर जबरन दस्तखत कराने के आरोप
मुकेश नायक का दावा है कि पुलिस उसके माता-पिता को अपने साथ ले गई और उनसे जबरदस्ती कागजों पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया गया। उसने कुछ आला अधिकारियों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप भी मढ़ा। इसी प्रताड़ना और विरोध के स्वरूप उसने खुद पर पेट्रोल डाल लिया, जिसके बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।
मोर्चरी के बाहर भारी तनाव, राजनीतिक दखल
इस आत्मघाती कदम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आए। उन्होंने मुकेश को समझा-बुझाकर शांत किया और स्थिति को बिगड़ने से रोका। इस घटनाक्रम के दौरान मोर्चरी परिसर में भारी तनाव देखा गया।
अब इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। देहात कांग्रेस अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पीड़ित परिवार पर पोस्टमार्टम कराने के लिए अनुचित दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
परिजनों में अंतर्विरोध: दूसरा पक्ष आया सामने
दूसरी ओर, पीड़ित परिवार के ही एक अन्य सदस्य राजेश नायक ने इस मामले में अलग रुख अपनाया है। उनका कहना है कि इस समय नवजात शिशु की तबीयत बेहद नाजुक है और उसका सही इलाज कराना उनकी पहली प्राथमिकता है। राजेश ने प्रशासन का बचाव करते हुए कहा कि उन पर कोई दबाव नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि घर के बुजुर्गों की सहमति से प्रशासन हर संभव मदद कर रहा है।
तीन दिन से मोर्चरी में रखा है शव
आपको बता दें कि पीबीएम अस्पताल में भर्ती शारदा नायक ने 21 जून को दम तोड़ दिया था। इससे ठीक पहले, 18 जून को प्रीति नायक नामक एक अन्य प्रसूता की भी यहाँ मौत हुई थी। प्रीति के परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया था, लेकिन शारदा का शव पिछले तीन दिनों से मोर्चरी में ही रखा हुआ है। परिजन ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं, जिसके कारण यह गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है।
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