IPS बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज की कमान, IG पद पर हुई नियुक्ति
बस्तर। छत्तीसगढ़ शासन ने बस्तर संभाग की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा फेरबदल किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत, साल 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा को बस्तर रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की कमान सौंपी गई है। आईपीएस बद्रीनारायण मीणा का छत्तीसगढ़ में काम करने का लंबा और व्यापक प्रशासनिक अनुभव रहा है; इससे पहले वे दुर्ग रेंज के आईजी तथा एसएसपी जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, वे बिलासपुर जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) के पद पर भी अपनी सराहनीय सेवाएं दे चुके हैं। गृह विभाग के आदेश के मुताबिक, बस्तर की कमान मिलने से पहले वे पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू), नवा रायपुर में आईजी के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
सुंदरराज पी की जगह संभालेंगे बस्तर की कमान
आईपीएस बद्रीनारायण मीणा की इस संवेदनशील क्षेत्र में नियुक्ति को बस्तर संभाग की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उनसे ठीक पहले, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुंदरराज पी पिछले लगभग पांच वर्षों से बस्तर के आईजी के रूप में लगातार मोर्चे पर तैनात थे। राज्य सरकार ने अब सुंदरराज पी को प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर भेजते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में आईजी के पद पर नियुक्त किया है, जिसके बाद रिक्त हुए इस बेहद महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी बद्रीनारायण मीणा को सौंपी गई है।
राजस्थान के जयपुर से है गहरा नाता
आईपीएस अधिकारी बद्रीनारायण मीणा मूल रूप से राजस्थान के जयपुर जिले के निवासी हैं और छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 बैच के अफसर हैं। उनके पिता जनगणना विभाग में अपनी सेवाएं देते थे। बद्रीनारायण मीणा की प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा जयपुर में ही संपन्न हुई है, जहां उन्होंने सनफ्लावर पब्लिक स्कूल से मैट्रिक (दसवीं) और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोद्दार से इंटरमीडिएट (बारहवीं) की पढ़ाई पूरी की। इसके पश्चात, उन्होंने प्रतिष्ठित राजस्थान कॉलेज, जयपुर से साल 2000 में कला स्नातक (बीए) की उपाधि प्राप्त की।
पहले ही प्रयास में पाई सिविल सेवा में सफलता
बद्रीनारायण मीणा बचपन से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते थे, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने साल 2001 में पहली बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा दी और अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर साल 2004 में वे आईपीएस के लिए चुन लिए गए। एक बेहद दिलचस्प बात यह भी है कि उनके भाई श्रवण मीणा भी इसी 2004 बैच में उनके साथ आईपीएस अधिकारी बने थे, हालांकि बाद में श्रवण मीणा ने दोबारा यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) को चुनकर उसमें शामिल हो गए।
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