केतन मर्डर केस: सिया के वकील का बड़ा कदम, भाई साहिल पर 10 करोड़ का दावा
पुणे: देश भर को झकझोर कर रख देने वाले चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में आए दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस बेहद संवेदनशील मामले में अब एक नया और अनोखा कानूनी मोड़ सामने आया है। अदालत में चल रही यह जंग अब सिर्फ पुलिस और मुख्य आरोपियों के बीच नहीं रह गई है, बल्कि इस मामले में कानूनी लड़ाई अब मुख्य आरोपियों के साथ-साथ उनके वकीलों के बीच भी खुलकर शुरू हो गई है। दोनों पक्षों के वकीलों के बीच पैदा हुए इस नए विवाद ने पूरे मामले को और ज्यादा पेचीदा बना दिया है।
वकीलों के बीच क्यों खड़ा हुआ नया विवाद?
अदालत से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, केतन अग्रवाल हत्याकांड के अलग-अलग आरोपियों की पैरवी कर रहे वकीलों के बीच ही अब आपसी मतभेद और कानूनी खींचतान शुरू हो गई है। दरअसल, मामले में शामिल कुछ सह-आरोपियों के वकीलों का मानना है कि मुख्य आरोपियों के वकील अपने मुवक्किलों (क्लाइंट्स) को बचाने के लिए सारा दोष छोटे या सह-आरोपियों पर मढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बात को लेकर अदालत के भीतर और बाहर वकीलों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है, जिससे यह आपराधिक मामला अब एक बड़े कानूनी विवाद का रूप ले चुका है।
केस की जांच और नए खुलासे
इस बीच, पुणे पुलिस की विशेष जांच टीम इस हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में लगातार जुटी हुई है। हर गुजरते दिन के साथ इस मर्डर मिस्ट्री में नए गवाह और सबूत सामने आ रहे हैं, जो आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। राजनीतिक और व्यावसायिक रसूख से जुड़े इस मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। अब वकीलों के बीच शुरू हुई इस नई कानूनी जंग के बाद यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और पुलिस के हाथ इस विवाद से जुड़े क्या नए इनपुट्स लगते हैं।
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