बालोतरा कलेक्टर पर RLP सांसद का बड़ा हमला, PMO से की कार्रवाई की मांग
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में प्रशासनिक जवाबदेही और भेदभाव के आरोपों को लेकर एक नया विवाद छिड़ गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद तीखा पोस्ट साझा कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने बालोतरा के पचपदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए रिफाइनरी उद्घाटन के समय हुई एक घटना का हवाला देते हुए राज्य की ब्यूरोक्रेसी में दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
'माइक बंद होने पर IAS पर एक्शन, तो आगजनी पर कलेक्टर सुरक्षित क्यों?'
सांसद हनुमान बेनीवाल ने सीधे मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए सवाल उठाया कि पूर्व में प्रधानमंत्री की जनसभा के दौरान तकनीकी खराबी के कारण माइक बंद होने जैसी छोटी घटना पर सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक महिला आईएएस (IAS) अधिकारी को एपीओ (Awaiting Posting Orders) कर दिया था। लेकिन इसके उलट, पचपदरा स्थित रिफाइनरी में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले इतनी भीषण आग लग गई, फिर भी जिले के प्रशासनिक मुखिया होने के नाते बालोतरा के जिला कलेक्टर की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई। बेनीवाल ने पूछा कि आखिर सरकार का यह दोहरा रवैया क्यों है?
कलेक्टर के 'वीआईपी टाउनशिप' में रहने पर उठाए सवाल
हनुमान बेनीवाल ने बालोतरा जिला कलेक्टर के सरकारी आवास को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जिले में कलेक्टर के लिए कोई सरकारी आवास उपलब्ध नहीं था, तो नियमों के तहत उन्हें किसी किराए के निजी मकान में रहना चाहिए था। इसके बजाय वे रिफाइनरी की वीआईपी टाउनशिप के अंदर बने मकान में रह रहे हैं। आरएलपी सांसद ने पूछा कि क्या किसी बड़ी औद्योगिक परियोजना की टाउनशिप में जिला कलेक्टर का इस तरह रहना प्रशासनिक निष्पक्षता और पारदर्शिता की दृष्टि से सही है?
भूमि आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप
प्रशासनिक लापरवाही के साथ-साथ सांसद ने बालोतरा जिला प्रशासन पर भ्रष्टाचार के भी आरोप मढ़े हैं। उन्होंने लिखा कि सीईटीपी (CETP) प्लांट के सेस टैक्स मामलों, रिफाइनरी क्षेत्र और बालोतरा के आस-पास की कीमती सरकारी भूमि से नए रास्तों के आवंटन करने और बड़े पैमाने पर हुए भू-उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं। इन तमाम गंभीर शिकायतों और सार्वजनिक चर्चाओं के बावजूद राज्य सरकार खामोश बैठी है।
पीएमओ (PMO) से हस्तक्षेप की मांग, रिपोर्ट तलब करने की अपील
सांसद बेनीवाल ने देश के प्रधानमंत्री कार्यालय को भी इस पोस्ट में टैग करते हुए मांग की है कि पीएमओ को इस पूरे मामले में राजस्थान सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगनी चाहिए। उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री के रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले हुई इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा बालोतरा जिला कलेक्टर पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या बालोतरा कलेक्टर, राजस्थान की चुनी हुई सरकार से भी बड़े हो गए हैं?
कौन हैं चर्चा में आए बालोतरा कलेक्टर? वर्तमान में बालोतरा जिला कलेक्टर IAS सुशील कुमार यादव हैं। वह 2017 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं, जिन्होंने 8 जनवरी 2024 को इस नवगठित जिले के कलेक्टर के रूप में पदभार संभाला था। मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले सुशील कुमार यादव ने बी.टेक (मैकेनिकल) और एम.टेक (प्रोडक्शन इंजीनियरिंग) की डिग्री ली है। प्रशासन में उनके काम के लिए फरवरी 2026 में उन्हें राज्यपाल द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान से भी नवाजा जा चुका है।
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