मंत्री भूपेंद्र यादव के ऑफिस में प्रशासनिक फेरबदल, तीन अफसरों की छुट्टी
नई दिल्ली। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव के कार्यालय (ओएफएम) में एक बड़ा और अचानक प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है। मंत्रालय ने एक कड़ा कदम उठाते हुए मंत्री के निजी स्टाफ (पर्सनल स्टाफ) में तैनात तीन सबसे वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया है। पदमुक्त किए गए अधिकारियों में मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी (PS) और दो एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी (APS) शामिल हैं। इस अचानक हुई कार्रवाई के संबंध में मंत्रालय द्वारा अलग-अलग आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
प्राइवेट सेक्रेटरी अमर सिंह समय से पहले मूल कैडर में लौटे
जारी किए गए पहले आधिकारिक आदेश के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी (पीएस) अमर सिंह को "प्रशासनिक आधार" का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर उनके मूल विभाग (राजस्व विभाग) में वापस भेज दिया गया है। अमर सिंह 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं।
अमर सिंह वर्ष 2021 से लगातार भूपेंद्र यादव के साथ कोर टीम में काम कर रहे थे। उन्होंने तब से मंत्री के साथ काम करना शुरू किया था जब भूपेंद्र यादव के पास श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का प्रभार था। बाद में पर्यावरण मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने पर भी वह उनके साथ बने रहे। वर्ष 2024 में ही उन्हें प्रमोट कर डायरेक्टर (निदेशक) रैंक दी गई थी। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मुताबिक, उनका कार्यकाल सितंबर 2026 तक था, लेकिन इसे अवधि से पहले ही खत्म कर दिया गया।
दो एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी भी किए गए कार्यमुक्त
पीएस अमर सिंह के साथ ही मंत्रालय ने मंत्री कार्यालय में तैनात दो एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी (एपीएस) पर भी कार्रवाई की गाज गिराई है। आदेश के अनुसार, एपीएस शैलेश कुमार सिंह की प्रतिनियुक्ति को समय से पहले समाप्त करते हुए उन्हें उनके मूल कैडर डीओपीटी (DoPT) में तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, दूसरे एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आयुष शरण की सेवाओं को सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि उन्हें तुरंत प्रभाव से उनके दायित्वों से कार्यमुक्त माना जाए।
कार्रवाई की वजहों पर मंत्रालय ने साधी चुप्पी
मंत्रालय द्वारा उठाए गए इस बड़े कदम के बाद प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इन तीनों आला अधिकारियों को हटाए जाने के आदेश की कॉपियां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और DoPT को भी आधिकारिक रूप से प्रेषित कर दी गई हैं।
हालांकि, मंत्री कार्यालय से एक साथ तीन शीर्ष अधिकारियों की छुट्टी किए जाने के बावजूद सरकार या पर्यावरण मंत्रालय की ओर से इस कार्रवाई की असली वजह को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है। बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस कारण के समय से पहले की गई इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी को लेकर फिलहाल सचिवालय में केवल कयासों और अटकलों का बाजार गर्म है।
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