RCA चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, एडहॉक कमेटी की SLP वापस
जयपुर। राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) में लंबे समय से जारी प्रशासनिक गतिरोध और कानूनी लड़ाई पर मंगलवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने अपना बड़ा फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान उच्च न्यायालय के 1 जुलाई 2026 के निर्णय में किसी भी तरह का दखल देने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पूर्व एडहॉक (तदर्थ) समिति की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को याचिकाकर्ताओं द्वारा वापस ले लिया गया। शीर्ष अदालत के इस रुख के साथ ही आरसीए में नए सिरे से लोकतांत्रिक चुनाव कराने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत नियुक्त किए गए प्रशासक की देखरेख में ही पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
तीन महीने के भीतर संपन्न होंगे राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की खंडपीठ के समक्ष इस संवेदनशील मामले की अंतिम सुनवाई हुई। अदालत के सख्त रुख को भांपते हुए याचिकाकर्ताओं ने अपनी एसएलपी बिना शर्त वापस लेने की गुहार लगाई, जिसे पीठ ने मंजूर कर लिया। इस विधिक घटनाक्रम के बाद राजस्थान हाईकोर्ट का पूर्व का आदेश पूरी तरह प्रभावी हो गया है। हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भास्कर ए. सावंत को आरसीए का मुख्य प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्हें खेल संघ का दैनिक कार्यभार संभालने के साथ-साथ आगामी तीन महीने के भीतर पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव कराने की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम 29 जुलाई 2026 तक अदालत के समक्ष पेश करना अनिवार्य है।
प्रशासक की अनुमति के बिना पूर्व एडहॉक समिति ने दायर की थी याचिका
सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान नवनियुक्त प्रशासक की ओर से राज्य सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। उन्होंने पीठ को अवगत कराया कि हाईकोर्ट के फैसले के अनुपालन में प्रशासक ने आरसीए का पूरा प्रशासनिक नियंत्रण और दफ्तर का प्रभार अपने हाथों में ले लिया है। उन्होंने विधिक स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई एसएलपी वर्तमान अधिकृत प्रशासक की ओर से नहीं, बल्कि पदमुक्त हो चुकी पूर्व एडहॉक समिति के पदाधिकारियों द्वारा उनकी जानकारी और अनुमति के बिना निजी तौर पर दायर की गई थी। इस दलील के बाद अदालत के सामने यह साफ हो गया कि याचिकाकर्ताओं को कोई विधिक राहत नहीं दी जा सकती।
आरसीए में खत्म हुई प्रशासनिक अनिश्चितता और शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
उल्लेखनीय है कि राजस्थान क्रिकेट संघ पिछले काफी समय से गुटबाजी, प्रशासनिक खींचतान और अंतहीन अदालती मुकदमों के भंवर में फंसा हुआ था, जिससे खेल और खिलाड़ियों से जुड़े नीतिगत फैसले प्रभावित हो रहे थे। अब सर्वोच्च अदालत के इस अंतिम फैसले के बाद संघ में लंबे समय से व्याप्त प्रशासनिक असमंजस का दौर पूरी तरह समाप्त हो गया है। तय कार्ययोजना के मुताबिक, अब प्रशासक सावंत की निगरानी में नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी की नियुक्ति होगी और चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा। खेल और विधिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधिक मुहर के बाद तय समय-सीमा के भीतर आरसीए को एक नई और लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई कार्यकारिणी मिल सकेगी।
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